देश की खबरें | अपनी सेवा बहाल करने का उप्र सरकार से आग्रह करेंगे डॉ. कफील

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा रिहा किए गए डॉ. कफील खान ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि वह चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाओं को बहाल करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह करेंगे।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जयपुर, तीन सितंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा रिहा किए गए डॉ. कफील खान ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि वह चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाओं को बहाल करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह करेंगे।

उल्लेखनीय है कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के निलंबित चिकित्सक खान को अदालत ने मंगलवार को रिहा करने का आदेश दिया था।

यह भी पढ़े | India-China Border Row: सीमा विवाद पर विदेश मंत्रालय ने कहा, चीन शांतिपूर्ण माहौल के लिए गंभीरता से काम करे.

खान ने यहां संवाददाताओं से कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है तो ऐसे में मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखूंगा कि चिकित्सक के रूप में मेरी सेवाएं बहाल की जाएं। अगर मुझे इसकी अनुमति नहीं मिलती है तो मैं कार्यकर्ता के रूप में असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में चिकित्सा शिविर लगाउंगा।'

खान ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ जयपुर आए हैं क्योंकि उनका व उनके परिवार का मानना है कि वे यहां अधिक सुरक्षित हैं।

यह भी पढ़े | Kulbhushan Jadhav Case: इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने कुलभूषण जाधव केस को लेकर 6 अक्टूबर तक टाली सुनवाई.

खान ने कहा, “राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है। मेरे परिवार का मानना है कि हम यहां सुरक्षित रहेंगे। मैं अपने परिवार के साथ कुछ अच्छा समय बिताना चाहता हूं।”

डॉ. खान ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने उन्हें गलत तरीके से फंसाकर जेल भेजा क्योंकि वह व्यवस्था की खामियों को उजागर कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत हुई तो मैंने व्यवस्था में कमियों का खुलासा करने की कोशिश की। हमारे मुख्यमंत्री को यह अच्छा नहीं लगा और मेरे खिलाफ एक झूठा मुकदमा दर्ज कर मुझे जेल में डाल दिया गया।”

खान ने गिरफ्तारी के दौरान उत्पीड़न का भी जिक्र संवाददाताओं के समक्ष किया।

उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत खान की गिरफ्तारी को मंगलवार को अवैध बताया और उनकी तत्काल रिहाई के आदेश दिए। अदालत के आदेश के बाद खान को मंगलवार देर रात मधुरा की जेल से रिहा किया गया। कफील संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ पिछले साल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जनवरी से जेल में बंद थे।

पृथ्वी कुंज

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\