देश की खबरें | न्यायिक चुनौती को राजनीतिक रंग न दें: वक्फ मुद्दे पर उमर अब्दुल्ला

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय के पास केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा लिए गए निर्णयों की समीक्षा करने का अधिकार है।

श्रीनगर, 21 अप्रैल जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय के पास केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा लिए गए निर्णयों की समीक्षा करने का अधिकार है।

अब्दुल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि शीर्ष अदालत के समक्ष किसी भी कानून को चुनौती देने को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।

अब्दुल्ला ने यहां पत्रकारों से कहा, “आज अगर कोई उच्चतम न्यायालय जा रहा है तो उसे राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। अदालत का अपना अधिकार क्षेत्र है और विधायिका का अपना अधिकार क्षेत्र है।”

वह वक्फ (संशोधन) अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई को लेकर कुछ वर्गों की आलोचना से संबंधित प्रश्नों का जवाब दे रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में वक्फ (संशोधन) अधिनियम पर कुछ चर्चा हुई थी, लेकिन ‘नेशनल कांफ्रेंस’ ने शीर्ष अदालत का रुख किया और उसे कुछ राहत मिली।

उन्होंने कहा, "नकारात्मक प्रभाव कहां है? कम से कम उच्चतम न्यायालय ने केंद्र को दो कदम पीछे हटने का निर्देश दिया है। वक्फ में गैर-मुस्लिमों के हस्तक्षेप पर रोक लगा दी गई है, जबकि स्वघोषित वक्फ पर रोक नहीं लगाई गई है। उच्चतम न्यायालय को अपना काम करने दीजिए, हम उसके फैसले का इंतजार करेंगे।"

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा उच्चतम न्यायालय के बारे में की गई विवादास्पद टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा, "वक्फ मुद्दे को दल उच्चतम न्यायालय लेकर गए है, सरकार नहीं। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इसे उठाया है।”

उन्होंने कहा, “ अगर भाजपा ने अपने सांसद (दुबे) के बारे में कुछ कहा है तो उस पर टिप्पणी करने की क्या जरूरत है?

अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित रामबन जिले की स्थिति के बारे में अब्दुल्ला ने कहा कि जिले के कुछ इलाकों में स्थिति "वास्तव में बहुत खराब है, खासकर राजमार्ग के आसपास।"

मुख्यमंत्री ने कहा, “ कल मैंने उपमुख्यमंत्री को मौके पर भेजा था। बनिहाल और रामबन के स्थानीय विधायक भी मौके पर हैं। राजमार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है।”

उन्होंने कहा, "हम उन परिवारों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया में हैं, जिन्होंने अपने घर खो दिए हैं। हम एनडीआरएफ की तैनाती के लिए केंद्र से बात कर रहे हैं। हम प्रधानमंत्री राहत कोष और अन्य राहत कोषों का भी उपयोग करेंगे, ताकि लोगों को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।"

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