चेन्नई, 14 मार्च तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश किया और अपनी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के लिए अच्छी खासी धनराशि का आवंटन किया जिसमें महिलाओं के लिए किराया-मुक्त बस यात्रा योजना शामिल है।
विधानसभा में उस वक्त हंगामा देखने को मिला जब मुख्य विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने राज्य द्वारा ‘तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (टीएएसएमएसी) में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने का प्रयास करने के बाद सदन से बहिर्गमन किया।
प्रवर्तन निदेशालय ने राज्य के स्वामित्व वाली कंपनी से संबंधित मामले में छापेमारी भी की है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने कहा कि किराया-मुक्त बस सेवाओं का उपयोग करने वाली महिलाओं की संख्या 40 प्रतिशत से बढ़कर 65 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य परिवहन उपक्रमों द्वारा संचालित बसों में प्रतिदिन औसतन 50 लाख महिलाएं यात्रा करती हैं, जिससे अब तक कुल 642 करोड़ यात्राएं हो चुकी हैं। गौर करने वाली बात है कि राज्य योजना आयोग द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि इस पहल के कारण महिलाएं औसतन 888 रुपये प्रति माह बचाती हैं।’’
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, सरकार ने बजट अनुमानों में इस योजना के लिए 3,600 करोड़ रुपये की सब्सिडी आवंटित की है।
थेनारासु ने रामेश्वरम में एक नए हवाई अड्डे की घोषणा की और कहा कि चेन्नई के पास परंडूर में एक नया हवाई अड्डा स्थापित करने के लिए काम में तेजी लाई गई है। साथ ही, उन्होंने कहा कि राज्य की राजधानी के पास विश्व स्तरीय सुविधाओं वाला एक शहर बसाया जाएगा।
मंत्री का बजट भाषण 2 घंटे 38 मिनट तक चला।
लगभग सवा करोड़ महिलाओं के लिए 1,000 रुपये मासिक सहायता के लिए योजना ‘कलैगनार मगलिर उरीमाई थिट्टम’ को लेकर उन्होंने कहा कि 13,807 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और घोषणा की है कि ऐसी पात्र महिलाएं जिन्हें अभी तक 1,000 रुपये की सहायता नहीं मिली है, उन्हें जल्द ही आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कामकाजी महिलाओं के 10 और छात्रावास की घोषणा की जिसके लिए 77 करोड़ रुपये आवंटित किए गए है। राज्य में फिलहाल इस तरह के 13 छात्रावास हैं।
मुख्यमंत्री जलपान योजना का और विस्तार किया जाएगा और इसके लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसके अलावा, मंत्री ने कहा कि समग्र शिक्षा योजना के तहत राज्य सरकार पिछले सात वर्षों से विभिन्न छात्र कल्याण योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘विशेष रूप से मौलिक साक्षरता सुनिश्चित करने के लिए ‘एन्नुम एझुथुम थिट्टम’ जैसी पहल, दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षा, दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों के लिए परिवहन भत्ता, शिक्षकों के लिए वेतन, छात्रों के भविष्य को आकार देने के लिए उच्च शिक्षा के लिए मार्गदर्शन, प्रतिभाओं को मंच देने के लिए कला उत्सव, शैक्षिक भ्रमण और स्कूलों में इंटरनेट सुविधाओं सहित बुनियादी ढांचे का विकास, प्रगति पर है।’’
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि, केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को स्वीकृत 2,152 करोड़ रुपये की राशि रोक दी है, क्योंकि राज्य ने केंद्र सरकार की नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को स्वीकार नहीं किया है, जिसमें त्रि- नीति भी शामिल है।’’
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