देश की खबरें | अयोग्यता विवाद: तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष पर देरी का आरोप लगाने वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को उन याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें कांग्रेस में शामिल हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कुछ विधायकों को अयोग्य ठहराने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर फैसला लेने में तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कथित देरी का मुद्दा उठाया गया था।

नयी दिल्ली, तीन अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को उन याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें कांग्रेस में शामिल हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कुछ विधायकों को अयोग्य ठहराने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर फैसला लेने में तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कथित देरी का मुद्दा उठाया गया था।

न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।

एक याचिका में तीन बीआरएस विधायकों को अयोग्य ठहराने के अनुरोध वाली याचिकाओं से संबंधित मामले में तेलंगाना उच्च न्यायालय के नवंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी गई है, जबकि दूसरी याचिका दलबदल करने वाले शेष सात विधायकों से संबंधित है।

पिछले साल नवंबर में उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने कहा था कि विधानसभा अध्यक्ष को तीनों विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर ‘‘उचित समय’’ के अंदर फैसला करना चाहिए।

खंडपीठ का फैसला एकल न्यायाधीश के नौ सितंबर, 2024 के आदेश के खिलाफ अपील पर आया।

एकल न्यायाधीश ने तेलंगाना विधानसभा के सचिव को निर्देश दिया था कि वह चार सप्ताह के भीतर सुनवाई का कार्यक्रम तय करने के लिए अयोग्यता के अनुरोध वाली याचिका को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष रखें।

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