जरुरी जानकारी | जलवायु जोखिमों पर खुलासा करने में कपंनियों को आ रही दिक्कतें : रिपोर्ट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कंपनियों को जलवायु जोखिमों के बारे में रिपोर्ट या खुलासे का प्रबंधन करने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में उन्हें नियामकों के साथ-साथ निवेशकों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
नयी दिल्ली, 25 जुलाई कंपनियों को जलवायु जोखिमों के बारे में रिपोर्ट या खुलासे का प्रबंधन करने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में उन्हें नियामकों के साथ-साथ निवेशकों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
प्रमुख परामर्शक ईवाई की रिपोर्ट में भारत सहित 42 देशों के 1,100 से अधिक संगठनों को शामिल किया गया है। यह रिपोर्ट जलवायु संबंधी वित्तीय खुलासे (टीसीएफडी) को लेकर कार्यबल की सिफारिशों के आधार पर कंपनियों द्वारा अपने जलवायु जोखिमों तथा अवसरों को प्रकाशित करने के प्रयासों पर केंद्रित है।
टीसीएफडी की स्थापना जलवायु संबंधी वित्तीय सूचनाओं को लेकर खुलासे में सुधार के उद्देश्य से की गई है।
इस बारे में कंपनियों को स्कोर उनके द्वारा सिफारिशों के आधार पर किए गए खुलासे के तहत दिए गए हैं।
ईवाई के वैश्विक जलवायु जोखिम खुलासा बैरोमीटर 2021 के अनुसार भारत में जलवायु संबंधी खुलासे वैश्विक औसत से निचले स्तर पर हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर की 50 प्रतिशत कंपनियों ने ही तय सभी सिफारिशों के आधार पर जलवायु जोखिमों के बारे में खुलासा किया है। वैश्विक स्तर पर कंपनियों ने औसतन 70 प्रतिशत सिफारिशों के आधार पर ही खुलासा किया है।
ईवाई की रविवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘भारत की कंपनियों का गुणवत्ता संबंधी खुलासा सिर्फ 28 प्रतिशत रहा। वहीं उनका कवरेज 49 प्रतिशत रहा। समीक्षा में शामिल सिर्फ 49 प्रतिशत कंपनियों ने ही गुणवत्ता के उच्चस्तर को हासिल किया। औसत गुणवत्ता स्कोर 42 प्रतिशत रहा।’’
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