विदेश की खबरें | अमेरिका में स्कूलों में बच्चों के मास्क पहनने संबंधी दिशा-निर्देशों पर मतभेद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप ने देश में चिंता बढ़ा रखी है। कुछ राज्यों ने जहां यह संकेत दिया है कि वे बच्चों के मास्क पहनने के संघीय सरकार के निर्देश का पालन करेंगे, वहीं कुछ अन्य राज्यों ने कहा है कि वे यह निर्णय अभिभावकों पर छोड़ेंगे।
कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप ने देश में चिंता बढ़ा रखी है। कुछ राज्यों ने जहां यह संकेत दिया है कि वे बच्चों के मास्क पहनने के संघीय सरकार के निर्देश का पालन करेंगे, वहीं कुछ अन्य राज्यों ने कहा है कि वे यह निर्णय अभिभावकों पर छोड़ेंगे।
रिपब्लिकनों के शासन वाले कुछ राज्यों के सांसदों ने मास्क की आवश्यकता को स्कूलों के लिए अवैध बना दिया है।
कनेक्टिकट में गवर्नर नेड लैमोंट के राजधानी हर्टफोर्ड स्थित आधिकारिक आवास के बाहर मास्क विरोधी रैलियां हुई हैं और ‘‘मास्क से हमारे बच्चों को मुक्त करो’’ जैसे नारे लगे हैं।
लैमोंट डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं और उनका कहना है कि वह देश के रोग नियंत्रण केंद्र (सीडीसी) के हालिया परामर्श का पालन करेंगे।
सीडीसी ने मंगलवार को सिफारिश की कि भले ही टीकाकरण हो गया हो, देशभर के स्कूलों में सभी शिक्षक, छात्र, कर्मचारी और आगंतुक मास्क पहनें।
इसने कहा कि टीकाकरण करा चुके लोगों के लिए भी कोराना वायरस के घातक स्वरूप डेल्टा से जुड़ा जोखिम है।
ब्रैनफोर्ड, कनेक्टिकट में मास्क विरोधी रैलियों में शामिल चार बच्चों की मां 33 वर्षीय एलिमा ब्रायंट ने कहा कि वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है, खासकर बच्चों के लिए। उसने कहा कि वह स्कूल में अपने बच्चों को मास्क पहनाने की जगह उन्हें स्कूल से निकालना पसंद करेगी क्योंकि मास्क बच्चों के लिए वायरस से भी अधिक खतरनाक है।
वहीं, अनेक अभिभावक ऐसे भी हैं जिन्हें लगता है कि बच्चों को स्कूलों में मास्क न पहनाने से बीमारी और बढ़ेगी।
एपी
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