देश की खबरें | देपसांग की जमीन गई, सरकार की कायरता के भविष्य में होंगे दुखद परिणाम : राहुल गांधी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया में आई खबर का हवाला देते हुए बुधवार को दावा किया कि लद्दाख के देपसांग में हमारी जमीन चली गई है, दौलत बेग ओल्डी खतरे में है तथा सरकार की ‘‘कायरता’’ के भविष्य में दुखद परिणाम होंगे।

नयी दिल्ली, तीन मार्च कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया में आई खबर का हवाला देते हुए बुधवार को दावा किया कि लद्दाख के देपसांग में हमारी जमीन चली गई है, दौलत बेग ओल्डी खतरे में है तथा सरकार की ‘‘कायरता’’ के भविष्य में दुखद परिणाम होंगे।

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि चीन, भारत को डराने के लिये अपने पारंपरिक एवं साइबर बलों का इस्तेमाल कर रहा है जिससे भारत सरकार चकरा गई है ।

उन्होंने एक खबर का हवाला दिया जिसमें दावा किया गया है कि रात के समय ली गई उपग्रह तस्वीरों से पता चलता है कि लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट देपसांग क्षेत्र में चीन द्वारा निर्माण किया गया है।

हालांकि, विदेश मंत्रालय ने हाल ही में कहा है कि चीन के साथ पीछे हटने के समझौते के तहत देश ने अपनी कोई जमीन नहीं खोई बल्कि एकतरफा ढंग से यथास्थिति में बदलाव के प्रयास को रोकने के लिये वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएससी) की निगरानी की व्यवस्था लागू की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने पिछले सप्ताह संवाददाताओं से कहा था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत की स्थिति और साझा रूप से पुन: तैनाती को लेकर कोई बदलाव नहीं आया है तथा सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया को गलत ढंग से पेश नहीं किया जाना चाहिए ।

वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘ मेरे शब्दों को नोट कर लीजिए, देपसांग में हमारी जमीन चली गई है और डीबीओ (दौलत बेग ओल्डी) खतरे में है। भारत सरकार की कायरता के भविष्य में दुखद परिणाम होंगे।’’

गौरतलब है कि पिछले वर्ष मई में पैंगोंग सो क्षेत्र में हिंसक संघर्ष के बाद पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच सीमा पर गतिरोध चल रहा है। पिछले महीने दोनों देशों की सेनाओं ने पैंगोंग सो के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी के समझौते पर अमल शुरू किया था ।

राहुल गांधी ने इस मुद्दे से निपटने को लेकर सरकार की बार-बार आलोचना करते रहे हैं।

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