देश की खबरें | कोविड-19 पीड़ित के दो रिश्तेदारों की मौत की न्यायिक जांच की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-पठानकोट राजमार्ग बाधित किया
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जम्मू, 20 जून प्रदर्शनकारियों ने कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति के दो रिश्तेदारों की कथित तौर पर जिला प्रशासन की लापरवाही की वजह से हुई मौत की न्यायिक जांच कराने की मांग को लेकर शनिवार को जम्मू-पठानकोट राजमार्ग को बाधित कर दिया।
जिलाधिकारी सुषमा चौहान ने पहले ही विमल जाडू और उनके चचेरे भाई विपिन जाडू की बृहस्पतिवार को उनके कोरोना पॉजिटिव चाचा के अंतिम संस्कार के दौरान हुई मौत की समयबद्ध न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। इससे एक दिन पहले ही उनके चाचा के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।
जिला प्रशासन ने शनिवार की सुबह मानवीय आधार पर दोनों मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। हालांकि, दोनों की कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने के लिए गई जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
मृतकों के परिजनों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने जम्मू शहर के बाहरी इलाके गंगयाल में प्रदर्शन किया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने, न्यायिक जांच कराने और पीड़ितों के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित कर दिया।
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एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘ दोनों युवकों की मौत प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। गर्मी के बावजूद उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) पहनाकर एक शमशान भूमि से दूसरे शमशान भूमि घुमाया गया। उन्हें पानी तक उपलब्ध नही कराया गया।’’
उन्होंने दावा किया कि दोनों युवकों की मौत शरीर में पानी की कमी की वजह से हुई और इसे प्राकृतिक मौत बताकर खारिज नहीं किया जा सकता बल्कि इसे हत्या मानकर जांच की जानी चाहिए।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक विक्रम रंधावा ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और कहा कि लोगों की जान बचाने में नाकाम रहने वाले लोगों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘ दोनों की मौत की वजह बनी परिस्थितियों की निंदा की जानी चाहिए। रंधावा ने विमल के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की क्योंकि वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटी-छोटी बच्चियों को छोड़ कर गया है।
स्थानीय पार्षद बलदेव बिल्लावारिया ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन कोविड-19 से होने वाले मौतों के मामलों में दाह संस्कार का उचित स्थान तय नहीं कर पाया है जबकि पहले भी इसको को लेकर अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं।
प्रदर्शनकारियों को मनाने और सड़क खुलनवाने में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी मेजनत करनी पड़ी।
उन्होंने बताया कि राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के डॉक्टरों के बोर्ड ने मृतकों का पोस्टमॉर्टम किया और शनिवार को शव को परिवार को सौंप दिया।
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