विदेश की खबरें | म्यांमा में हिरासत में लिए गए जापानी पत्रकार को रिहा करने की मांग
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

उन्होंने अपनी मांग को लेकर एक ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान चलाया है, जिस पर अब तक 41 हजार से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। कुबोतो को म्यांमा में जुटा शासन के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को कवर करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।

समर्थकों और चश्मदीदों के मुताबिक वृत्तचित्र निर्माता कुबोतो को शनिवार को यंगून से सादे कपड़े में मौजूद सुरक्षाबलों ने उस समय गिरफ्तार किया था जब वह प्रदर्शनकारियों की तस्वीर खींच रहे थे।

म्यांमा में मानवाधिकार का उल्लंघन होने की निंदा कर चुकी जापान की सरकार ने पुष्टि की है कि एक जापानी नागरिक को हिरासत में लिया गया है जिसकी उम्र 20 से 30 साल के बीच है। जापान की सरकार के मुताबिक वह कुबोतो की रिहाई की कोशिश कर रही है।

जापान के सरकारी प्रसारक एनएचके ने सैन्य सरकार के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि कुबोतो को हिरासत में लिया गया है और जांच हो रही है। हालांकि उनकी रिहाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

गौरतलब है कि म्यांमा की सेना ने पिछले साल आंग सू ची की निर्वाचित सरकार का तख्ता पलट कर सत्ता पर कब्जा कर लिया था। इस कदम के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को दबाने के लिए सेना ने कथित तौर पर बड़े पैमाने पर बल प्रयोग किया और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया। कई लोगों की प्रदर्शनों के दौरान मौत हुई।

तख्ता पलट के बाद 50 से अधिक पत्रकारों को हिरासत में लिया गया है।

कुबोतो के दोस्तों ने बताया कि वह अकेले एक व्यक्ति पर वृत्तचित्र बनाने गए थे, लेकिन सुरक्षा चिंताओं के कारण उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी।

वृत्तचित्र पर कुबोतो के साथ काम कर रहीं निक्कि त्सुकामोतो ने बताया कि उन्होंने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को कैमरे में कैद करने की कोशिश की। वह बहुत अच्छे इंसान हैं।

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