जरुरी जानकारी | विदेशी कोयला खरीद की इजाजत पर केंद्र सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग

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लखनऊ, 22 अक्टूबर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने देश के सभी तापीय बिजली घरों को जरूरत पड़ने पर 15 प्रतिशत विदेशी कोयले की खरीद को मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी कथित परामर्श पर सवाल उठाते हुए इस पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।

परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को देश के सभी तापीय बिजली घरों को एक परामर्श जारी किया है जिसमें कहा गया है कि विदेश में कोयले की कमी को देखते हुए अपनी कुल आवश्यकता के 15 फीसद हिस्से के बराबर विदेशी कोयला खरीद सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले मार्च में विदेशी कोयले की कीमत 60 डॉलर प्रति टन थी जो सितंबर में बढ़कर 200 डॉलर प्रति टन पहुंच गई है। ऐसे में जब इस कोयले के इस्तेमाल से बिजली बनेगी तो उसकी कीमत भी काफी ज्यादा हो जाएगी। इसका खामियाजा देश के उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा।

वर्मा ने केंद्र सरकार से इस पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की और कहा कि पिछले दिनों केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने दावा किया था कि देश में कोयले की कोई कमी नहीं है तो अब सरकार ने गुपचुप तरीके से एडवाइजरी जारी कर विदेशी कोयले की खरीद की इजाजत क्यों दी।

वर्मा ने कहा कि विदेशी कोयले की खरीद को बढ़ावा देकर बिजली दरें महंगी करने की खुली छूट दिए जाने का उपभोक्ता परिषद जमकर विरोध करेगी और जरूरत पड़ी तो पूरे देश के उपभोक्ता संगठन एक मंच पर आकर आंदोलन करेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इस फैसले से उन निजी औद्योगिक घरानों को फायदा होगा जिनके पूरे देश में बिजली घर लगे हैं। साथ ही विदेश में उनकी कोयला खदानें भी हैं।

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