देश की खबरें | ‘उच्च जोखिम’ वाले कैदियों के लिए दिल्ली की नरेला जेल अगले दो साल में तैयार हो जाएगी : अधिकारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के नरेला इलाके में बन रही राष्ट्रीय राजधानी की चौथी जेल अगले दो साल में तैयार हो जाएगी। दिल्ली सरकार ने इसके लिए प्रशासनिक मंजूरी दे दी है । इस जेल में ‘उच्च जोखिम’ वाले कैदियों को रखा जाएगा । अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 10 दिसंबर दिल्ली के नरेला इलाके में बन रही राष्ट्रीय राजधानी की चौथी जेल अगले दो साल में तैयार हो जाएगी। दिल्ली सरकार ने इसके लिए प्रशासनिक मंजूरी दे दी है । इस जेल में ‘उच्च जोखिम’ वाले कैदियों को रखा जाएगा । अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने जेल परिसर के निर्माण के लिए 120 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसका डिजाइन अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की सेलुलर जेल के समान होगा।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘संबंधित मंत्री से प्रशासनिक मंजूरी ले ली गई है और फाइल वित्त विभाग को भेज दी गई है। इसमें कुछ प्रश्न थे और उनका उत्तर दे दिया गया है। इसके बाद, लोक निर्माण विभाग परिसर के निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित करेगा।’’

अधिकारी ने कहा, ‘‘मौजूदा गति को देखते हुए, जेल का निर्माण दो साल में पूरा हो जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि परिसर के लिए भवन योजना को अंतिम रूप दे दिया गया है और इसका आकार अर्ध-वृत्ताकार होगा।

दिल्ली में तीन जेल परिसर हैं - तिहाड़, रोहिणी और मंडोली - और ये सभी केंद्रीय जेल हैं।

तिहाड़ के बारे में माना जाता है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी जेल है और इसके परिसर में नौ केंद्रीय कारागार हैं, जहां 5200 कैदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन इसमें दोगुने से अधिक कैदी बंद है और यही हाल बाकी दोनों जेलों का भी है।

इन जेलों में बंद कुछ उच्च जोखिम वाले कैदियों में महाठग सुकेश चंद्रशेखर और कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक शामिल है।

नरेला जेल के बारे में अधिकारियों ने कहा कि जेल की सुरक्षा सुविधाओं में सीसीटीवी कैमरे, चौबीसों घंटे निगरानी, कैदियों के लिए आइसोलेशन रूम, ऊंची दीवारें और बेहतर तकनीक के मोबाइल जैमर शामिल होंगे।

अधिकारियों ने पहले कहा था कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने नरेला में जेल के लिए जमीन आवंटित की है और अनुमानित योजना के अनुसार, जेल में 250 सेल होंगे और इसे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की सेलुलर जेल की तर्ज पर बनाया गया है।

उन्होंने कहा था कि जेल में योग जैसी सुधारात्मक सुविधाएं और एक फैक्ट्री होगी जहां कैदी कुछ चीजें बनाने के अलावा अन्य काम भी कर सकेंगे।

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