देश की खबरें | दिल्ली: आनंद विहार में अस्थायी तंबू में आग लगने से तीन लोगों की मौत, प्राथमिकी दर्ज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार में एजीसीआर एन्क्लेव के पास अस्थायी रूप से बने एक तंबू में भीषण आग लग गई, जिसमें जलकर दो भाईयों समेत तीन लोगों की मौत हो गई और इसके बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 11 मार्च पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार में एजीसीआर एन्क्लेव के पास अस्थायी रूप से बने एक तंबू में भीषण आग लग गई, जिसमें जलकर दो भाईयों समेत तीन लोगों की मौत हो गई और इसके बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) प्रशांत गौतम ने कहा, ‘‘हमने आनंद विहार थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 (1) (लापरवाही से मौत) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। घटना की जांच के लिए कई टीम गठित की गई हैं।’’

दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को इस घटना के संबंध में सोमवार रात दो बजकर 22 मिनट पर सूचना मिली, जिसके बाद दमकल के तीन वाहनों को घटनास्थल पर भेजा गया।

अधिकारी ने बताया कि आग पर रात दो बजकर 50 मिनट पर काबू पा लिया गया।

अग्निशमन सेवा के अधिकारी फिरोज ने रात तीन बजकर 10 मिनट पर तंबू के अंदर से तीन लोगों के जले हुए शव बरामद किए जाने की पुष्टि की।

पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, मृतकों की पहचान जग्गी (30) के अलावा श्याम सिंह (40) और कांता प्रसाद (37) इन दो भाइयों के रूप में हुई है। ये सभी उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के निवासी थे, जो यहां श्रमिक के तौर पर कार्य करते थे।

उसने बताया कि आग लगने के कारण दम घुट जाने से तीनों की मौत हो गई।

बयान में कहा गया कि मृतक और एक अन्य मजदूर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) में काम करते थे और मंगलम रोड पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) प्लॉट के पास स्थित अस्थायी तंबू में रहते थे।

बयान में कहा गया है, ‘‘उन्होंने टेंट में रोशनी के लिए डीजल से जलने वाली एक छोटी डिबिया का इस्तेमाल किया और उसे कथित तौर पर कूलर स्टैंड पर रख दिया।’’

जीवित बच गए नितिन ने बताया, ‘‘लगभग दो बजे श्याम सिंह की नींद खुली और उसने आग की लपटें देखी, जिसके बाद दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रहा। जैसे ही आग की लपटें तेज हुई, नितिन भागने में सफल रहा, लेकिन अन्य तीन फंस गए और आग की लपटों में घिर गए।’’

तंबू के अंदर गैस सिलेंडर भी फट गया, जिससे आग और भड़क गई।

पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि श्याम और कांता के पिता रामपाल ने सवाल उठाया है कि एक व्यक्ति आग से कैसे बच गया, जबकि तीन अन्य जलकर मर गए।

सूत्र ने बताया, ‘‘रामपाल भी उसी अस्थायी तंबू में रहते थे, लेकिन रात के खाने के बाद वह बाहर चले गए थे। पुलिस ने रामपाल और नितिन के बयान दर्ज कर लिए हैं।’’

इस बीच, आईजीएल ने एक बयान जारी कर इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

बयान में कहा गया है, ‘‘ऐसी खबरें हैं कि आनंद विहार में भीषण आग लगने से आईजीएल के कर्मचारियों की जलकर मौत हो गई हैं। हालांकि हम इस दुर्भाग्यपूर्ण आग की घटना से बहुत दुखी हैं, लेकिन हम यह स्पष्ट करना चाहेंगे कि यह घटना आईजीएल से संबंधित नहीं है। मृतक आईजीएल के कार्यबल का हिस्सा नहीं थे।’’

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