देश की खबरें | दिल्ली दंगा : पूरक आरोपपत्र पर माकपा ने कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को अपराध बनाने का प्रयास

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. माकपा ने दिल्ली दंगा मामले में पुलिस द्वारा कुछ आरोपियों के बयानों के आधार पर दाखिल पूरक आरोपपत्र में पार्टी के नेता सीताराम येचुरी और नागरिक संगठन के सदस्यों का संदर्भ दिए जाने को लेकर सरकार की आलोचना की ।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 13 सितंबर माकपा ने दिल्ली दंगा मामले में पुलिस द्वारा कुछ आरोपियों के बयानों के आधार पर दाखिल पूरक आरोपपत्र में पार्टी के नेता सीताराम येचुरी और नागरिक संगठन के सदस्यों का संदर्भ दिए जाने को लेकर सरकार की आलोचना की ।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा, ‘‘माकपा दिल्ली पुलिस द्वारा अपने राजनीतिक आकाओं के विमर्श को आगे बढ़ाने के लिए इस आपत्तिजनक कदम की निंदा करती है। पार्टी सरकार से आग्रह करती है कि शांतिपूर्ण राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों को अपराध बनाने से परहेज करे।’’

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पार्टी का बयान ऐसे वक्त आया है, जब एक दिन पहले ही माकपा महासचिव येचुरी, स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव, अर्थशास्त्री जयति घोष, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापक अपूर्वानंद का नाम सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर ‘भड़काने और गोलबंद’ करने के लिए दंगा मामले में दायर पूरक आरोप पत्र में होने की खबरें सामने आयीं।

माकपा पोलित ब्यूरो द्वारा रविवार को जारी बयान में कहा गया कि ‘‘वह फरवरी में उत्तरी दिल्ली में खौफनाक सांप्रदायिक हिंसा के मामले में अग्रणी नेताओं, शिक्षाविदों, संस्कृति जगत की शख्सियतों और कार्यकर्ताओं को फंसाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के अंतर्गत काम करने वाली दिल्ली पुलिस के इस कदम से हैरान है।’’

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बयान में कहा, ‘‘पक्षपात और प्रतिशोध वाले इस कृत्य की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है । ’’

बयान में आरोप लगाया गया है कि भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) यह साबित करने पर तुली हुई है कि दिल्ली दंगे की साजिश नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोधियों ने रची ।

माकपा ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा नामी प्रतिद्वंद्वियों को फंसाने और उन्हें अपराधी साबित करने के लिए पुलिस और सीबीआई, एनआईए, ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है । ’’

बहरहाल, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने मामले को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि एक आरोपी ने अपने बयान में इन नामों का खुलासा किया।

सूत्रों ने कहा था कि दिल्ली पुलिस ने उनके ‘‘खिलाफ’’ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया है।

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