नयी दिल्ली, 11 जून दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने शहर के ‘लैंडफिल’ स्थलों के सर्वेक्षण के लिए ड्रोन तैनात करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि ड्रोन की मदद से लैंडफिल की ऊंचाई का पता लगाया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी में तीन लैंडफिल स्थल हैं-गाजीपुर, भलस्वा और ओखला, जो अब कचरे का विशाल पहाड़ बन चुके हैं।
अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन के जरिये लैंडफिल की ऊंचाई में कमी आने समेत अन्य मानकों की भी निगरानी की जाएगी। यह भी कहा कि इस संबंध में एक योजना तैयार कर ली गई है और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ड्रोन सर्वेक्षण की रिपोर्ट भी नियमित आधार पर उपराज्यपाल कार्यालय को भेजी जाएगी।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के गाजीपुर लैंडफिल स्थल का दौरा करने के एक पखवाड़े के बाद निगम ने यह कदम उठाया। उपराज्यपाल ने एमसीडी अधिकारियों से इन डंपिंग स्थलों को समतल करने की योजना पर एक स्थिति रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था।
उपराज्यपाल के निर्देशों के बाद नगर निकाय ने पिछले सप्ताह लैंडफिल की ऊंचाई कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर एक स्थिति रिपोर्ट सौंपी थी।
दिल्ली नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नगर निकाय लैंडफिल को समतल करने और कार्य निष्पादन की प्रभावी निगरानी के लिए सभी साधनों का उपयोग कर रहा है।
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर ‘पीटीआई-’को बताया “हमारे ताजा उपाय के तहत शहर के तीन लैंडफिल की ऊंचाई को नापने के लिए ड्रोन तैनात करने और उनकी ऊंचाई में कमी की निगरानी के लिए एक योजना तैयार की गई है।
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