देश की खबरें | दिल्ली उच्च न्यायालय का स्थानीय निकायों को डेंगू की रोकथाम के लिए कार्यबल गठित करने का निर्देश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को नाराजगी जताते हुए कहा कि दिल्ली के लोग अब भी डेंगू से जूझ रहे हैं और अधिकारियों ने कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाये। अदालत ने राजधानी के तीनों नगर निगमों समेत स्थानीय निकायों को शहर में मच्छरों के पनपने पर नजर रखने तथा रोकथाम के लिए कार्यबल गठित करने का निर्देश दया है।
नयी दिल्ली, 24 दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को नाराजगी जताते हुए कहा कि दिल्ली के लोग अब भी डेंगू से जूझ रहे हैं और अधिकारियों ने कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाये। अदालत ने राजधानी के तीनों नगर निगमों समेत स्थानीय निकायों को शहर में मच्छरों के पनपने पर नजर रखने तथा रोकथाम के लिए कार्यबल गठित करने का निर्देश दया है।
अदालत ने अधिकारियों से पूछा कि एक साल में डेंगू के मामले दोगुने कैसे हो सकते हैं और किसी पर तो जिम्मेदारी डालनी होगी। उसने कहा कि यदि मामले कम नहीं होते तो उन्हें अवमानना के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और जेल जाने के लिए तैयार रहना चाहिए।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने उत्तर और दक्षिण दिल्ली नगर निगम के वकीलों से कहा, ‘‘समस्या यह है कि कागजी कार्यवाही में तो आप बहुत अच्छे हैं। आप रिपोर्ट तैयार करते हैं, कागज पर आप कहते हैं कि आप आदेश जारी करेंगे कि मच्छरों को नहीं पनपने देना। हो कुछ नहीं रहा। दिल्ली की जनता लगातार परेशानी का सामना कर रही है। अधिकारी कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाते।’’
पीठ ने कहा कि इन कार्यबल के सदस्य खुद मौके पर जाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि वास्तव में काम किया जा रहा है। पीठ ने प्राधिकारियों से कहा कि वे इस संबंध में 14 जनवरी से पहले एक साझा स्थिति रिपोर्ट पेश करें।
पीठ ने कहा कि शहर को यह सख्त संदेश दिया जाना चाहिए कि उपनियमों के किसी भी उल्लंघन से सख्ती से निपटा जायेगा। पीठ ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि उन लोगों पर जुर्माने की राशि बढ़ाने के लिए उपनियमों में संशोधन किया जाए जो आसपास गंदनी फैलाने और पानी एकत्र होने देते हैं।
इस समय ऐसे उल्लंघन के लिए मात्र पांच सौ रुपए जुर्माने का प्रावधान है।
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