देश की खबरें | सम्पत्तियों को आधार से जोड़ने के मामले में दिल्ली सरकार को ऐतराज जताने का निर्देश दिया गया : केंद्र
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को अवगत कराया कि उसने दिल्ली सरकार को भ्रष्टाचार, काला धन पैदा करने और 'बेनामी' लेनदेन पर लगाम लगाने के लिए नागरिकों की अचल और चल संपत्तियों के दस्तावेजों को आधार संख्या से जोड़ने संबंधी याचिका पर ऐतराज जताने को कहा है।
नयी दिल्ली, 14 सितंबर केंद्र सरकार ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को अवगत कराया कि उसने दिल्ली सरकार को भ्रष्टाचार, काला धन पैदा करने और 'बेनामी' लेनदेन पर लगाम लगाने के लिए नागरिकों की अचल और चल संपत्तियों के दस्तावेजों को आधार संख्या से जोड़ने संबंधी याचिका पर ऐतराज जताने को कहा है।
केंद्र सरकार के वकील ने वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ को अवगत कराया कि उसने दिल्ली सरकार से इस मुद्दे पर औपचारिक जवाब दायर करने को कहा है।
पीठ ने दिल्ली सरकार को एक विस्तृत हलफनामा दायर करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया और मामले पर आगे की सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख मुकर्रर की।
केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील मनीष मोहन ने अदालत को सूचित किया, “जब मैंने गृह मंत्रालय से निर्देश मांगा तो उसने 10 मार्च, 2022 को यह पत्र जारी किया, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली सरकार इस मामले को लड़ेगी। इस पत्र के मद्देनजर, उन्हें एक औपचारिक हलफनामा दाखिल करने दें।’’
दिल्ली सरकार ने वर्ष 2019 में इस मामले में दायर एक हलफनामे में कहा था कि आधार को संपत्ति पंजीकरण और जमीन के दाखिल खारिज के लिए पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है, लेकिन यह एक वैकल्पिक आवश्यकता है और कानून में इसे अनिवार्य बनाने का कोई प्रावधान नहीं है।
उपाध्याय ने बुधवार को दलील दी कि वर्तमान मामला ‘महत्वपूर्ण’ है और यदि नागरिकों का आधार उनकी संपत्तियों से जुड़ा हुआ होगा, तो भ्रष्टाचार 25 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ‘प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से संपत्ति को आधार से जोड़ने के बारे में बात की है।
उन्होंने अदालत से गृह मंत्रालय के पत्र में संदर्भित कुछ अन्य मंत्रालयों को नोटिस जारी करने का भी अनुरोध किया, जिनमें कानून, आवास और शहरी विकास और वित्त मंत्रालय शामिल हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)