देश की खबरें | दिल्ली की अदालत ने शाहरूख पठान को पनाह देने वाले दोषी पर उदारता दिखाई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने पिछले साल उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान एक पुलिस कर्मी पर कथित रूप से तमंचा तानने वाले शाहरूख पठान को शरण देने का जुर्म कबूल करने वाले दोषी पर उदारता दिखाते हुए उसे उतनी सज़ा सुनाई है जो वह पहले ही जेल में काट चुका है।

नयी दिल्ली, 17 दिसंबर दिल्ली की एक अदालत ने पिछले साल उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान एक पुलिस कर्मी पर कथित रूप से तमंचा तानने वाले शाहरूख पठान को शरण देने का जुर्म कबूल करने वाले दोषी पर उदारता दिखाते हुए उसे उतनी सज़ा सुनाई है जो वह पहले ही जेल में काट चुका है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने कहा कि दोषी कलीम अहमद ने पछतावा व्यक्त किया, और क्षमायाचना की और स्वीकार किया कि उसे पठान ने गुमराह किया था।

रावत ने कहा कि इस मामले में अधिकतम तीन साल की सजा दी जा सकती है, जबकि दोषी 17 मार्च 2020 से सात सितंबर 2021 तक जेल में रह चुका है।

न्यायाधीश ने आदेश में कहा कि दोषी की पारिवारिक स्थिति, उसकी व्यक्तिगत स्थिति, इकाबल-ए-जुर्म के तथ्यों पर विचार करने के साथ-साथ इस बात पर भी गौर किया गया कि उसे सुधार का एक मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत दोषी को उतनी अवधि की सज़ा सुनाती है जितनी वह पहले ही जेल में काट चुका है और दो हजार रुपये का जुर्माना लगाती है।

अहमद को भारतीय दंड संहिता की धारा 216 (हिरासत से फरार आरोपी को पनाह देना) के तहत सात दिसंबर को दोषी ठहराया गया था। उसने जुर्म कबूल किया था।

फरवरी 2020 में दंगों के दौरान पठान ने कथित रूप से ‘जान से मारने की’ नीयत से हेड कांस्टेबल दीपक दहिया पर तमंचा तान दिया था। घटना के वीडियो और फोटो वायरल हो गए थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now