देश की खबरें | बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की अदालत ने गवाह का बयान दर्ज किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों में से एक के परिजन का बयान दर्ज किया।
नयी दिल्ली, तीन मार्च दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों में से एक के परिजन का बयान दर्ज किया।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने चैंबर में पहलवान के पति का बयान गवाह के रूप में दर्ज किया। गवाह से पूछताछ अधूरी रही और अदालत ने सुनवाई 25 मार्च के लिए निर्धारित की।
गत 21 मई, 2024 को अदालत ने मामले में सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए बल प्रयोग करने के आरोप तय किए थे। सिंह ने पहले खुद को निर्दोष बताया था।
न्यायाधीश ने मामले में सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी का आरोप भी तय किया था। अदालत ने मामले में सह-आरोपी और डब्ल्यूएफआई के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ भी आपराधिक धमकी का आरोप तय किया।
दिल्ली पुलिस ने 15 जून को सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया।
पहले एक बंद कमरे में हुई कार्यवाही के दौरान, एक नाबालिग पहलवान ने कहा था कि वह मामले में दिल्ली पुलिस की जांच से संतुष्ट है और वह पुलिस की ‘क्लोजर रिपोर्ट’ का विरोध नहीं कर रही है।
दिल्ली पुलिस ने 15 जून, 2023 को अदालत के समक्ष एक रिपोर्ट दायर की, जिसमें लड़की से जुड़े मामले को रद्द करने की मांग की गई। दरअसल लड़की के पिता ने जांच के बीच में दावा किया कि उसने अपनी बेटी के साथ कथित रूप से अन्याय होने की बात मानकर बदला लेने के लिए सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के झूठे आरोप लगाए थे।
पुलिस ने सिंह के खिलाफ ‘यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण’ (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला वापस लेने की सिफारिश की, लेकिन छह महिला पहलवानों की शिकायत के आधार पर दर्ज एक अलग मामले में उन पर यौन उत्पीड़न और पीछा करने का आरोप लगाया।
पुलिस ने नाबालिग पहलवान से जुड़ी शिकायत को रद्द करने की सिफारिश करते हुए कहा कि ‘पुष्टि करने वाला कोई सबूत’ नहीं मिला।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)