देश की खबरें | दिल्ली की अदालत ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को 28 फरवरी तक अंतरिम जमानत दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में असम पुलिस द्वारा गिरफ्तार कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बृहस्पतिवार को 28 फरवरी तक अंतरिम जमानत दे दी।
नयी दिल्ली, 23 फरवरी दिल्ली की एक अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में असम पुलिस द्वारा गिरफ्तार कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बृहस्पतिवार को 28 फरवरी तक अंतरिम जमानत दे दी।
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अर्चना बेनीवाल ने अदालत में पेश किए गए खेड़ा को 30,000 रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि के मुचलके पर अंतरिम जमानत दी। खेड़ा की रिहाई के लिए शीर्ष अदालत के आदेश की एक प्रति प्राप्त करने के बाद मजिस्ट्रेट ने शाम करीब 6.10 बजे आदेश पारित किया।
इससे पहले प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने खेड़ा को असम में दर्ज मामले में 28 फरवरी तक अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया था।
शीर्ष अदालत ने कहा था कि खेड़ा को दिल्ली में सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा और अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा। शाम करीब 4 बजे खचाखच भरे अदालत कक्ष में खेड़ा को पेश किया गया।
पुलिसकर्मियों की एक बड़ी टीम खेड़ा को अदालत के अंदर ले गई, जबकि एक अन्य पुलिस टीम अदालत कक्ष के पास थी, जिसके बाहर कई कांग्रेसी समर्थक जमा थे।
कार्यवाही के दौरान खेड़ा के वकील रणदीप सुरजेवाला ने मजिस्ट्रेट को सूचित किया कि शीर्ष अदालत ने खेड़ा को अंतरिम जमानत देने का आदेश पारित किया है। उन्होंने अदालत से कहा कि खेड़ा को प्राथमिकी और गिरफ्तारी संबंधी कागजात की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई गईं तथा उच्चतम न्यायालय के अर्नेश कुमार मामले में दिए गए दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया।
अर्नेश कुमार मामले में दिशानिर्देश उच्चतम न्यायालय के उस फैसले का हिस्सा थे जिसमें कहा गया था कि गिरफ्तारी एक अपवाद होनी चाहिए और पुलिस को पहले यह तय करना होगा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 41 के तहत गिरफ्तारी जरूरी है या नहीं।
सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस नेता के खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में सभी अपराधों में सात साल से कम की सजा है। उन्होंने कहा कि खेड़ा को दोपहर करीब 1.10 बजे विमान से उतारे जाने के समय उनकी गिरफ्तारी के कारण के बारे में सूचित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी की प्रति जांच अधिकारी ने अदालत को शाम करीब चार बजकर 10 मिनट पर मुहैया करायी।
खेड़ा के खिलाफ प्रधानमंत्री के बारे में उनकी कथित टिप्पणी के लिए असम के हाफलोंग थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 153 बी (राष्ट्रीय एकता के खिलाफ प्रभाव डालने वाले बयान देना, लांछन लगाना), 500 (मानहानि) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) शामिल हैं।
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