ताजा खबरें | दिल्ली निगम विधेयक चर्चा दो लोस
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से सैकड़ों करोड़ रुपये की बचत होगी और कर्मचारियों को नियमित रूप से वेतन मिलने लगेगा तथा जनता तक नागरिक सुविधाएं सुलभ तरीके से पहुंचेंगी।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से सैकड़ों करोड़ रुपये की बचत होगी और कर्मचारियों को नियमित रूप से वेतन मिलने लगेगा तथा जनता तक नागरिक सुविधाएं सुलभ तरीके से पहुंचेंगी।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के लावू श्रीकृष्णा ने कहा कि आंध्र प्रदेश का बंटवारा किया गया और ऐसे में जो वादे किए गए थे उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इस विधेयक से दिल्ली में विभिन्न एजेंसियों का टकराव तो नहीं होगा?
शिवसेना के अरविंद सावंत ने आरोप लगाया कि सरकार इस विधेयक के माध्यम से संविधान के प्रावधानों का दुरुपयोग कर रही है।
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने जिस ‘सौतेलेपन’ का अनुभव किया, वही ‘सौतेलापन’ महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और कई दूसरे राज्य भी महसूस कर रहे हैं।
सावंत ने कहा कि केंद्र सरकार इस विधेयक को संसद में लाकर विधानसभा के अधिकारों को दरकिनार कर रही है।
बीजू जनता दल की चंद्राणी मुर्मू ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इससे दिल्ली के लोगों के लिए सुविधाएं बेहतर होंगी।
बहुजन समाज पार्टी के दानिश अली ने कहा कि जब दिल्ली नगर निगम को तीन हिस्सों में बांटा गया था तो इस बाबत विधेयक दिल्ली विधानसभा में पारत हुआ था। उन्होंने कहा कि लेकिन अब यह विधेयक संसद में लाया गया है जिससे साफ होता है कि यह सरकार राज्यों के अधिकारों पर हमले करती रहती है।
उन्होंने दावा किया कि जैसे जम्मू-कश्मीर में परिसीमन का बहाना बनाकर विधानसभा चुनाव को रोका जा रहा है उसी तरह केंद्र सरकार दिल्ली में परिसीमन के बहाने नगर निगम चुनाव टालना चाहती है।
अली ने सवाल किया कि हाल ही में चार राज्यों में जीतकर आई भाजपा दिल्ली में नगर निगम चुनाव कराने से डर क्यों रही है? वह चुनाव से क्यों भाग रही है?
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि गृह मंत्री को बताना चाहिए कि निगमों के एकीकरण से स्वास्थ्य सुविधाओं में क्या बदलाव आएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार के बीच की ‘राजनीतिक कुश्ती’ में दिल्ली का आम आदमी परेशान है।
उन्होंने कहा कि क्या गृह मंत्री यह गारंटी दे सकेंगे कि इस एकीकरण के बाद दिल्ली नगर निगम की वित्तीय स्थिति सुधर जाएगी?
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस विधेयक से दिल्ली नगर निगम की हालत में कोई सुधार नहीं होगा क्योंकि केंद्र सरकार का मकसद सिर्फ राजनीति करना है।
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