देश की खबरें | मानहानि मामला : दिल्ली उच्च न्यायालय ने लक्ष्मी पुरी को साकेत गोखले की माफी पर विचार करने के लिए समय दिया
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नयी दिल्ली, 22 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व राजनयिक लक्ष्मी मुर्देश्वर पुरी को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद साकेत गोखले की ओर से दायर हलफनामे का अवलोकन करने के लिए समय दिया है।
गोखले ने इस हलफनामे में पुरी के खिलाफ कथित अपमानजनक बयानों के लिए उनसे माफी मांगी है।
न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने मंगलवार को यह आदेश तब पारित किया, जब पुरी के वकील ने कहा कि उन्हें इस मामले में गोखले द्वारा दायर नए हलफनामे की प्रति नहीं मिली है।
अदालत ने आठ जुलाई को मामले में गोखले की लिखित माफी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और उनसे मामले में नया हलफनामा दायर करने को कहा था।
गोखले की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सिब्बल ने मंगलवार को कहा कि नया हलफनामा दायर किया गया है।
पुरी का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने कहा कि उन्हें दस्तावेज की जांच के लिए समय चाहिए, क्योंकि उन्हें सुनवाई से पहले ही अदालत में इसकी एक प्रति मिल गई थी।
पीठ ने दलीलों पर विचार किया और मामले की सुनवाई 24 जुलाई के लिए स्थगित कर दी।
दिल्ली उच्च न्यायालय एकल न्यायाधीश के एक जुलाई, 2024 के फैसले के खिलाफ गोखले की अपील पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें टीएमसी नेता को पुरी के खिलाफ सोशल मीडिया या किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आगे कुछ भी प्रकाशित करने से रोक दिया गया था।
एकल न्यायाधीश ने गोखले को माफी मांगने और 50 लाख रुपये का हर्जाना देने का निर्देश दिया था।
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