देश की खबरें | कोविड-19 मामलों में गिरावट: दिवाली के बाद चरणबद्ध तरीके से होगा बंदियों का आत्मसमर्पण
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के मामलों में गिरावट के मद्देनजर वह जेल से कैदियों की रिहाई पर अंतरिम आदेशों को और बढ़ाने के पक्ष में नहीं है तथा वह दिवाली के बाद चरणबद्ध तरीके से उनके आत्मसमर्पण का निर्देश देगा।
नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के मामलों में गिरावट के मद्देनजर वह जेल से कैदियों की रिहाई पर अंतरिम आदेशों को और बढ़ाने के पक्ष में नहीं है तथा वह दिवाली के बाद चरणबद्ध तरीके से उनके आत्मसमर्पण का निर्देश देगा।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि आत्मसमर्पण का उसका आदेश उन कैदियों पर लागू नहीं होगा जिन्हें उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की सिफारिश या उच्चतम न्यायालय के आदेश पर रिहा किया गया है।
पीठ महामारी की दूसरी लहर के सिलसिले में अंतरिम आदेशों के विस्तार पर विषय का स्वत: संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई कर रही थी।
न्यायमूर्ति सांघी, न्यायमूर्ति रेखा पिल्लै एवं न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने कहा, ‘‘कोविड-19 के मामले घटे हैं। उच्चतम न्यायालय ने भी (अंतरिम आदेशों के विस्तार को समाप्त करने का) आदेश दिया है। हम उसे (अंतरिम आदेश को) जारी रखने के पक्ष में नहीं हैं। जिन्हें एचपीसी पर रिहा किया गये हैं, उनका आत्मसमर्पण उच्चतम न्यायालय के फैसले पर निर्भर करेगा। ’’
पीठ ने कहा, ‘‘ हम जमानत बढ़ाने नहीं जा रहे हैं। हम याचिका का निस्तारण कर रहे हैं। हम इसे चरणबद्ध तरीके से करेंगे। हम इन सभी लोगों को दिवाली के बाद आत्मसमर्पण करने को कहेंगे।’’
राज्य के वकील संतोष त्रिपाठी ने कहा कि जेल प्रशासन कैदियों के आत्मसमर्पण के लिए तैयार है।
इस अदालत ने इस साल के प्रारंभ में स्वत: संज्ञान के तहत विषय अपने हाथ में लिया था जैसा कि उसने पिछले साल मार्च में किया था जब कोविड-19 महामारी फैलने पर लॉकडाउन लगाया गया था।
पीठ ने 20 अप्रैल को अपने आदेश में अंतरिम आदेशों को 16 जुलाई तक बढ़ा दिया , केवल वे मामले इस आदेश के अपवाद थे जहां उच्चतम न्यायालय ने कोई अलग आदेश जारी किया हो।
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