देश की खबरें | फलाह-ए-आम की ओर से संचालित स्कूलों को बंद करने का फैसला भेदभावपूर्ण : सजाद लोन
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श्रीनगर, 15 जून जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस पार्टी के अध्यक्ष सजाद लोन ने फलाह-ए-आम ट्रस्ट (एफएटी) द्वारा संचालित स्कूलों को सरकार द्वारा बंद किए जाने के फैसले को ‘‘भेदभावपूर्ण’’करार दिया।
उन्होंने बुधवार को कहा कि धार्मिक संबंध की वजह से चुनिंदा संस्थानों पर कार्रवाई पूरी तरह से ‘‘अनुचित और अन्यापूर्ण है।’’
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर स्कूली शिक्षा मामलों के सचिव बी.के.सिंह ने सोमवार को एफएटी से सबद्ध स्कूलों को शैक्षणिक गतिविधि बंद करने का निर्देश दिया है। उन्होंने विभिन्न जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर जिला प्रशासन से परामर्श कर इन संस्थानों को सील करने का आदेश दिया है।
लोन ने कहा, ‘‘धार्मिक संपर्क वाले संस्थानों के खिलाफ चुनिंदा कार्रवाई अनुचित और अन्यापूर्ण है। प्रशासन को समझना होगा कि जम्मू-कश्मीर पूर्ण रूप से मुस्लिम बहुल राज्य है। वे मुस्लिमों के प्रति झुकाव की वजह से संस्थानों को प्रतिबंधित नहीं कर सकते।’’
लोन ने इस कदम को भेदभावपूर्ण करार देते हुए कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि पूरे देश में चुनावी फायदे के लिए वे जानबूझकर कश्मीरियों को निशाना बना रहे हैं।’’
अधिकारियों के मुताबिक एफएटी का संबंध कट्टरपंथी संगठन जमात ए इस्लामी के साथ है जिसे गृहमंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधि निषेध अधिनियम (यूएपीए)के तहत प्रतिबंधित किया है।
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