कोविड-19 टीका बनाने के लिए तीन कंपनियों को धन देने को डीबीटी की मंजूरी
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नयी दिल्ली, 20 अप्रैल जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने तीन कंपनियों को चुना है, जिन्हें कोविड-19 का टीका विकसित करने के लिए धन मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा उसे जांच और इलाज के तरीके निकालने के 13 अन्य प्रस्ताव भी मिले हैं।

डीबीटी ने एक बयान में कहा कि इस तरह की मदद से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अलग अलग मंच पर टीका बनाने वाली कंपनियां मिल कर तेली से काम पूरा कर सकें। वे इस काम में हो सकता है कि अलग अलग अलग चरणों में हों।

यह मदद राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन के तहत की जा रही है। यह मिशन 2017 में टीकों और दवाओं के विकास में कंपनियों के समूह को मदद के लिए शुरू किया गया है।

डीबीटी और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग शोध सहायता परिषद ने कोविड-19 पर शोध के लिए आवेदन मंगाए थे।

डीबीटी ने एक बयान में कहा कि पहले चरण के तहत शिक्षा संस्थानों और उद्योगों से लगभग 500 आवेदन मिले।

बयान के मुताबिक इन आवेदनों की बहुस्तरीय समीक्षा जारी है और अब तक धन सहायता मुहैया कराने के लिए 16 प्रस्तावों की सिफारिश की गई है।

बयान के मुताबिक जिन प्रस्तावों को वित्त पोषण के लिए मंजूरी दी गई है उनमें कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड, भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एसआईआईपीएल) के प्रस्ताव शामिल हैं।

कोविड-19 के टीके का विकास करने के लिए डीबीटी को केंद्रीय समन्वय एजेंसी नामित किया गया है।

डीबीटी की सचिव रेणु स्वरूप ने पीटीआई- को बताया कि अन्य प्रस्तावों की भी जांच की जा रही है।

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