देश की खबरें | गहरे समुद्र में खनन: मंत्री ने कहा- केरल ने तीन बार आपत्ति जताई

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तिरुवनंतपुरम, 27 फरवरी केरल के उद्योग मंत्री पी. राजीव ने बृहस्पतिवार को अपतटीय खनिज खनन की अनुमति देने के केंद्र सरकार के फैसले पर राज्य के कड़े विरोध को दोहराया और इस बात पर जोर दिया कि केरल ने तीन बार आधिकारिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया है।

राजीव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 11 जनवरी को कोच्चि में केंद्रीय खनन मंत्रालय द्वारा आयोजित पहले कार्यक्रम में केरल का विरोध स्पष्ट रूप से व्यक्त कर दिया गया था।

मंत्री ने बताया कि राज्य उद्योग विभाग के प्रधान सचिव एपीएम मोहम्मद हनीश ने केंद्रीय खान सचिव कांता राव के समक्ष केरल का रुख प्रस्तुत किया तथा अपतटीय खनिज ड्रेजिंग से जुड़ी पर्यावरणीय और सामाजिक चिंताओं पर प्रकाश डाला।

राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के कदम का समर्थन करने की खबरों को खारिज करते हुए राजीव ने कहा कि यह पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा करने वाले एक कानून के खिलाफ केरल के प्रयासों को कमजोर करने का प्रयास है।

इस बीच, केंद्र सरकार के निर्णय के विरोध में केरल मत्स्य समन्वय समिति के तहत मछुआरा संघों द्वारा आयोजित 24 घंटे की तटीय हड़ताल का पूरे मत्स्य क्षेत्र में व्यापक रूप से पालन किया गया।

संघ के नेताओं ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के तहत मछुआरों ने मछली पकड़ने की गतिविधियों से परहेज किया, जिसके कारण तटीय क्षेत्र में मछली संबंधी केंद्रों और मछली बाजार प्रभावित हुए।

नेताओं ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के तहत पूरे राज्य में जनसभाएं हुई और मार्च आयोजित किए गए। हड़ताल आज मध्य रात्रि तक जारी रहेगी।

समिति के नेताओं के अनुसार, केंद्र ने पांच क्षेत्रों - कोल्लम दक्षिण, कोल्लम उत्तर, अलप्पुझा, पोन्नानी और चवक्कड़ में अपतटीय खनन के लिए रेत ब्लॉकों की नीलामी करने का निर्णय लिया है।

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