देश की खबरें | प्रदूषण से क्षति, किसी अन्य अपराध से होने वाले नुकसान से कम नहीं: एनजीटी
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नयी दिल्ली, सात फरवरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हिंडन नदी में प्रदूषण को काबू करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई और कहा कि प्रदूषण से होने वाली क्षति किसी अन्य जघन्य अपराध से होने वाले नुकसान से कम नहीं है।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके गोयल की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि बार-बार आदेश देने से कुछ हासिल नहीं होगा जब तक कि प्रशासन अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित नहीं करता है।
पीठ ने कहा, ‘‘ यह अफसोस की बात है कि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित किए जाने के बावजूद राज्य प्रशासन के अधिकारी उपचार उपायों को लेकर अपने संवैधानिक कर्तव्य को निभाने में नाकाम रहे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमने उम्मीद की थी कि मुख्य सचिव के हस्तक्षेप करने के साथ ही प्रक्रिया संबंधी एवं अंतर-विभागीय समन्वय के मुद्दे सुलझा लिए जाएंगे। हालांकि, दुर्भाग्यवश, ऐसा नहीं हुआ।’’
पीठ ने कहा कि ‘‘ हमें लगता है कि ऐसे में कार्यवाही को लंबित रखने के बजाए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को तत्काल आधार पर उपचार उपाय सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।’’
एनजीटी ने यूपी की नदी कायाकल्प समिति को भी हिंडन की कार्य योजनाओं के निष्पादन की निगरानी का निर्देश दिया।
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