देश की खबरें | चक्रवात बिपारजॉय: रेलवे ने अपना आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. चक्रवात बिपारजॉय के प्रभाव को कम करने के लिए रेलवे ने अपने आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर दिया है। इस चक्रवात के इस सप्ताह गुजरात में दस्तक देने की आशंका है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 12 जून चक्रवात बिपारजॉय के प्रभाव को कम करने के लिए रेलवे ने अपने आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर दिया है। इस चक्रवात के इस सप्ताह गुजरात में दस्तक देने की आशंका है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

रेलवे ने अपने नेटवर्क पर भावनगर, महुवा, वेरावल से पोरबंदर, ओखा से हापा और गांधीधाम क्षेत्र सहित संवेदनशील खंडों की पहचान की है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 14 तारीख की शाम को मांडवी-जखाऊ बंदरगाह के पास चक्रवात दस्तक देगा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि बिपारजॉय के कच्छ जिले के जखाऊ बंदरगाह के निकट बृहस्पतिवार को टकराने की आशंका है, तब तक यह ‘बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान’ बन जाएगा और इस दौरान 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से हवा चलने की संभावना है।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय परिवाहक ने अपने नेटवर्क और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और चक्रवात के प्रभाव को कम करने के लिए कई उपायों को लागू किया है।

रेलवे ने जोनल रेलवे मुख्यालय में आपदा प्रबंधन कक्ष को सक्रिय कर दिया है और विभिन्न विभागों द्वारा चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। उसने भावनगर, राजकोट, अहमदाबाद और गांधीधाम में मंडल मुख्यालयों में आपातकालीन नियंत्रण कक्षों का संचालन भी किया है।

रेल मंत्रालय ने कई स्थानों पर हवा की गति की नियमित निगरानी और हवा का वेग 50 किमी प्रति घंटे से अधिक होने पर ट्रेनों को विनियमित या बंद करने के निर्देश, वास्तविक समय की निगरानी और समन्वय के लिए ऑनलाइन समूहों का गठन, और मौसम विभाग की वेबसाइट की लगातार निगरानी समेत कई कदम उठाए हैं।

उसने जोनों को आपातकालीन निकासी के लिए पर्याप्त डीजल इंजन और डिब्बों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसने ‘डबल-स्टैक कंटेनरों’ की लोडिंग को भी निलंबित कर दिया है और उनकी आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है।

इसने यात्री ट्रेनों के कार्यक्रम की समीक्षा करने और चक्रवात की स्थिति के आधार पर आवश्यक निर्णय लेने का भी आदेश दिया है।

इसबीच मुंबई से मिली खबर के मुताबिक पश्चिम रेलवे ने तटीय गुजरात की तरफ जाने वाली अपनी 56 ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले ही समाप्त कर दिया।

एक विज्ञप्ति में कहा गया कि पश्चिम रेलवे अगले तीन दिनों में कुछ ट्रेनों को रद्द करने पर भी विचार कर रहा है।

पश्चिम रेलवे आपदा प्रबंधन कक्ष, हेल्प डेस्क और राहत ट्रेनों को तैयार रखने सहित कई उपाय कर रहा है।

विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘तटीय गुजरात में गांधीधाम, वेरावल, ओखा, पोरबंदर जाने वाली 56 ट्रेनों को अहमदाबाद, राजकोट और सुरेंद्रनगर में ही रोक दिया गया है। 13 जून से 15 जून के बीच करीब 95 ट्रेनों को रद्द करने का प्रस्ताव दिया जा रहा है।’’

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