जरुरी जानकारी | क्रिस्टल क्रॉप ने चार संकर बीजों के अधिग्रहण के लिए बायर के साथ समझौता किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कृषि-रसायन कंपनी क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड (सीसीपीएल) ने बुधवार को कहा कि उसने भारत में कपास, सरसों, बाजरा और ज्वार जैसे अनाजों के - चार संकर बीजों के अधिग्रहण के लिए वैश्विक जीव विज्ञान फर्म, बायर के साथ एक पक्का करार किया है।

नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर कृषि-रसायन कंपनी क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड (सीसीपीएल) ने बुधवार को कहा कि उसने भारत में कपास, सरसों, बाजरा और ज्वार जैसे अनाजों के - चार संकर बीजों के अधिग्रहण के लिए वैश्विक जीव विज्ञान फर्म, बायर के साथ एक पक्का करार किया है।

सीसीपीएल ने एक बयान में कहा कि दोनों कंपनियां इस साल दिसंबर तक सौदे को पूरा करने के लिए मिलकर काम करेंगी।

सीसीपीएल द्वारा अधिग्रहीत किया जाने वाला व्यवसाय बायर के भारतीय और वैश्विक व्यापार पोर्टफोलियो के एक बहुत छोटे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

अधिग्रहण पर टिप्पणी करते हुए, सीसीपीएल के चेयरमैन एन के अग्रवाल ने कहा, ‘‘भारतीय किसानों के प्रेरक विकास के हमारे दृष्टिकोण के अनुकूल यह अधिग्रहण भारतीय कृषि को बेहतर प्रदर्शन वाले बीज प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।’’

सीसीपीएल के बीज कारोबार के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सरजीवन मन्हास ने आगे कहा कि अधिग्रहीत की जाने वाली फसलें कंपनी के बीज पोर्टफोलियो के बेहद अनुकूल हैं और भारतीय बीज बाजार में कंपनी की पहुंच को बेहतर बनाने में सहायता करेंगी।

बायर क्रॉपसाइंस के वरिष्ठ प्रतिनिधि (दक्षिण एशिया), सीईओ और प्रबंध निदेशक डी नारायण ने कहा, “हालांकि हमने अपने व्यापार पोर्टफोलियो का एक छोटा हिस्सा बेच दिया है, फिर भी बायर भारतीय कृषि के दीर्घकालिक विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों को लाना जारी रखेगी।

सीसीपीएल ने कहा कि इस अधिग्रहण के साथ, वह अपने खेत फसल बीज व्यवसाय में मजबूत हो जाएगी क्योंकि उसके पास शक्तिशाली ब्रांड और शोध एवं विकास क्षमताएं मौजूद हैं।

कंपनी के गुजरात, महाराष्ट्र और हरियाणा में सात विनिर्माण संयंत्र हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now