कन्नूर/कोच्चि, तीन जुलाई समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में केरल की सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा कांग्रेस के प्रमुख सहयोगी आईयूएमएल को दिए जाने वाले प्रस्ताव से परेशान कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि वामपंथी दल राजनीतिक लाभ के लिए यूसीसी को हिंदू-मुस्लिम मुद्दे के रूप में बदलने की कोशिश कर रहा है।
यूसीसी पर चर्चा के लिए माकपा के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन के इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) समेत अन्य मुस्लिम संगठनों के पास पहुंचने के एक दिन बाद कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
कांग्रेस ने दावा किया कि वामपंथी दल ‘ठीक उसी रास्ते पर चल रहा’ है जिस पर भाजपा चल रही है जो यूसीसी पर अमल का दबाव बनाकर कथित तौर पर लोगों को बांटने और सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने की कोशिश कर रही है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा क उनकी पार्टी वर्ष 2018 में विधि आयोग के उस निष्कर्ष से सहमत है कि यूसीसी ‘अनावश्यक और अवांछनीय’ है।
उन्होंने, ‘‘हालांकि, हमारे राज्य (केरल) में कुछ लोग इसे हिंदू बनाम मुस्लिम मुद्दा के रूप में बदलने की कोशिश कर रहे हैं और माकपा इस तरह के प्रयासों में अव्वल रही है। वे इसे हिंदू-मुस्लिम मुद्दा करार दे रहे हैं। यह कोई ऐसी चीज नहीं है जो केवल एक विशेष धर्म को प्रभावित करेगी, यह पूरे देश को प्रभावित करेगी।’’
राज्यसभा सदस्य वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस आगामी संसद सत्र में यूसीसी पर अपना रुख स्पष्ट करेगी। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन ने कहा, ‘‘भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए इसे हिंदू-मुस्लिम मुद्दे के रूप में बदलकर सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करना चाहती है और माकपा भी केरल में ठीक उसी की राह पर चल रही है।’’
माकपा की ओर से यूसीसी के विरोध में प्रदर्शन के आह्वान के जवाब में सतीशन ने आगाह किया है। सतीशन ने कहा कि वाम दल ने अभी तक राज्य में सीएए विरोधी प्रदर्शनों में भाग लेने वालों के खिलाफ दर्ज कथित झूठे मामलों को वापस नहीं लिया है।
सतीशन ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेतृत्व वाले विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने विधानसभा में कई मौकों पर मांग की थी कि सीएए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए जाएं और सरकार ने आश्वासन दिया था कि वह ऐसा करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘आज तक एक भी मामला वापस नहीं लिया गया है और इसमें शामिल लोग अदालतों के चक्कर लगा रहे हैं। इसलिए मैं माकपा से अनुरोध करूंगा कि यूसीसी के खिलाफ कोई भी प्रदर्शन या आंदोलन शुरू करने से पहले उन मामलों को वापस लिया जाए।’’
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