देश की खबरें | कोविड लॉकडाउन के कारण कॉलेज छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ : अध्ययन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आठ हजार से अधिक लोगों पर किए गए मानसिक स्वास्थ्य अध्ययन में पाया गया कि कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन से सबसे बुरी तरह कॉलेज के छात्र प्रभावित हुए हैं।
नयी दिल्ली, 29 अगस्त आठ हजार से अधिक लोगों पर किए गए मानसिक स्वास्थ्य अध्ययन में पाया गया कि कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन से सबसे बुरी तरह कॉलेज के छात्र प्रभावित हुए हैं।
ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य मंच ‘योर दोस्त’ की तरफ से संचालित अध्ययन में पाया गया कि बुरी तरह प्रभावित लोगों का दूसरा तबका काम करने वाले पेशेवर लोग हैं। लॉकडाउन की शुरुआत में वे प्रभावित नहीं हुए लेकिन व्यग्रता, क्रोध और अकेलेपन की भावना से वे बुरी तरह प्रभावित हुए।
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कोरोना वायरस लॉकडाउन की शुरुआत में किए गए सर्वेक्षण और फिर जून में ‘अनलॉक एक’ की शुरुआत में किए गए सर्वेक्षण के आंकड़ों का विश्लेषण कर इस अध्ययन के निष्कर्ष पर पहुंचा गया। इसमें ‘योर दोस्त’ मंच पर विशेषज्ञों के साथ व्यक्ति विशेष की बातचीत के आंकड़ों को भी शामिल किया गया।
अध्ययन के मुताबिक, प्रतिबंधों की शुरुआत में छात्रों के गुस्से और क्षोभ में छह फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई तथा अकेलेपन और बोरियत की भावना में 13 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही छात्र भावनात्मक रूप से बुरी तरह प्रभावित होते गए और उनकी भावनाओं में काफी गिरावट आई और खासकर उनके गुस्से, व्यग्रता, एकाकीपन, नाउम्मीदी में बढ़ोतरी हुई।
अध्ययन में दिखाया गया है कि विभिन्न श्रेणियों में उनकी भावनाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
कोरोना वायरस की शुरुआत में अध्ययन में हिस्सा लेने वाले छात्रों की खुशी की भावनाओं में एक फीसदी की बढ़ोतरी हुई। बहरहाल, लॉकडाउन बढ़ने के साथ उनकी खुशी की भावनाएं 15 फीसदी तक कम हो गईं।
नीरज
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