विदेश की खबरें | कोविड-19: ब्रिटेन के कुछ हिस्सों में कड़े प्रतिबंध लागू
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड में रविवार से नए सख्त प्रतिबंध लागू हो गए।
लंदन, 26 दिसंबर ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड में रविवार से नए सख्त प्रतिबंध लागू हो गए।
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और उनका मंत्रिमंडल सोमवार को विशेषज्ञों के साथ कोरोना वायरस संक्रमण पर समीक्षा बैठक कर सकता है, ताकि यह तय किया जा सके कि इंग्लैंड के लिए भी और प्रतिबंध लागू करने की आवश्यकता है या नहीं। यह क्षेत्र वर्तमान में ‘प्लान बी’ उपायों के अंतर्गत है, जिसमें घर से काम करने, अनिवार्य रूप से मास्क पहनने और कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र जरूरी किया गया है।
इस बीच, वेल्स में रविवार से नाइट क्लब बंद हो जाएंगे और पब, रेस्तरां तथा सिनेमाघरों में अधिकतम छह लोगों को अनुमति होगी। इंडोर कार्यक्रमों में अधिकतम 30 लोगों को अनुमति दी जाएगी, जबकि आउटडोर कार्यक्रमों में यह सीमा 50 है।
स्कॉटलैंड में, बड़े कार्यक्रमों में अब एक मीटर तक की भौतिक दूरी बनाकर रखने की आवश्यकता होगी। इंडोर कार्यक्रमों में उपस्थिति 100 लोगों तक सीमित होगी जबकि आउटडोर कार्यक्रमों के लिए यह सीमा 500 लोगों की है। सोमवार से, नाइट क्लब तीन सप्ताह के लिए बंद हो जाएंगे। उत्तरी आयरलैंड ने नाइट क्लब बंद कर दिए हैं।
क्रिसमस और ‘बॉक्सिंग डे’ सप्ताहांत में कोरोना वायरस के दैनिक आंकड़े नहीं बताए जा रहे हैं, लेकिन शुक्रवार को ब्रिटेन में 1,22,186 मामलों का एक और उच्च स्तर देखा गया।
इस बीच, 'संडे टेलीग्राफ' की खबर के अनुसार, ब्रिटेन के सबसे वरिष्ठ स्वास्थ्य सलाहकारों में से एक पर ‘गलत आंकड़ा’ प्रसारित करने का आरोप लगा है, जिसने कोविड-19 के ओमीक्रोन स्वरूप से संभावित जोखिम को बढ़ा दिया।
कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद मार्क हार्पर ने कहा, ‘‘कोविड प्रतिबंध लोगों के जीवन, आजीविका और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए यह वास्तव में महत्वपूर्ण है कि उनके बारे में बहस ठोस आंकड़ों पर आधारित हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘गंभीर सवाल पूछने की जरूरत है कि क्या वरिष्ठ स्वास्थ्य सलाहकार मंत्रियों को भ्रामक आंकड़े दे रहे हैं, और उन्हें जल्द से जल्द ठीक करने में विफल रहे हैं। मंत्रियों की भी यह जिम्मेदारी है कि वे विस्तृत प्रश्न पूछें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे गलत आंकड़ों का उपयोग नहीं कर रहे हैं। हम इससे बेहतर कर सकते हैं।’’
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