देश की खबरें | तमिलनाडु में ‘पर्स सीन नेट’ पर प्रतिबंध के खिलाफ याचिका पर केंद्र से न्यायालय का जवाब तलब

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु में मछली पकड़ने के लिए ‘पर्स सीन नेट’ के इस्तेमाल पर प्रतिबंध के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र एवं राज्य सरकार से शुक्रवार को जवाब तलब किया।

नयी दिल्ली, 17 जून उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु में मछली पकड़ने के लिए ‘पर्स सीन नेट’ के इस्तेमाल पर प्रतिबंध के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र एवं राज्य सरकार से शुक्रवार को जवाब तलब किया।

तमिलनाडु सरकार ने 17 फरवरी, 2022 को ‘पर्स सीन नेट’ का इस्तेमाल करके मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश पारित किया था। इसके तहत एक निर्धारित क्षेत्र के चारों ओर जाल की एक बड़ी दीवार लगाई जाती है।

न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अवकाशकालीन खंडपीठ ने राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ ज्ञानशेखर एवं अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किये।

ज्ञानशेखर एवं अन्य मछुआरों के वकील ने कहा कि मछली पकड़ने का मौसम केवल तीन महीने होता है और पर्स सीन नेट पर प्रतिबंध से तमिलनाडु में 15 लाख मछुआरों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित होगी।

मछुआरों ने अपनी याचिका में कहा है, “विशेषज्ञ समिति द्वारा विचार किये बिना और मछुआरों के पक्ष को ध्यान में रखे बिना राज्य सरकार द्वारा कानून पारित किया गया था और इसके परिणामस्वरूप 15 लाख लोगों का रोजगार खत्म हो गया। अधिकांश मछुआरे कमजोर समाज से हैं और उनके परिवार के सदस्य भुखमरी के शिकार हो रहे हैं। तमिलनाडु सरकार द्वारा सभी निर्यात इकाइयों को मनमाने तरीके से बंद कर दिया गया है।”

इससे पहले, मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा था कि तमिलनाडु में मछली पकड़ने के लिए ‘पर्स सीन नेट’ के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाना कतई गैर-कानूनी नहीं है।

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