देश की खबरें | न्यायालय साल के अंत तक ऋण भुगतान स्थगन की अवधि बढ़ाने के लिये नयी याचिका पर करेगा सुनवाई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी की वजह से सावधि कर्ज भुगतान किस्तों को स्थगित रखने की सुविधा प्रदान करने वाली, रिजर्व बैंक की योजना इस साल दिसंबर तक बढ़ाने के लिए दायर याचिका पर विचार करने का शुक्रवार को फैसला किया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 28 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी की वजह से सावधि कर्ज भुगतान किस्तों को स्थगित रखने की सुविधा प्रदान करने वाली, रिजर्व बैंक की योजना इस साल दिसंबर तक बढ़ाने के लिए दायर याचिका पर विचार करने का शुक्रवार को फैसला किया।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से इस संबंध में अधिवक्ता विशाल तिवारी की नयी याचिका की सुनवाई करते हुये इसे पहले से ही लंबित याचिका के साथ संलग्न करने का आदेश दिया।

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भारतीय रिजर्व बैंक ने कोविड-19 महामारी पर अंकुश के लिये लागू देश व्यापी लॉकडाउन के बाद मार्च में एक अधिसूचना जारी की थी जिसमें कर्ज लेने वालों को इसकी किस्तों का भुगतान स्थगित करने की सुविधा प्रदान की गयी थी। यह योजना अब 31 अगस्त को खत्म हो रही है।

अधिवक्ता विशाल तिवारी ने याचिका पर सुनवाई के दौरान पीठ से कहा कि कोविड महामारी का आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर अभी भी है ओर इसलिए किस्तों का भुगतान स्थगित रखने की योजना की अवधि इस साल के अंत तक बढ़ाने की आवश्यकता है।

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तिवारी की इस याचिका पर अब आगरा निवासी गजेन्द्र शर्मा की याचिका के साथ ही एक सितंबर को सुनवाई होगी।

न्यायालय ने 26 अगस्त को शर्मा की याचिका पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि इस मुद्दे पर केन्द्र अपना रूख स्पष्ट नहीं कर रहा है और वह रिजर्व बैंक की आड़ ले रहा है।

न्यायलाय ने केन्द्र से कहा था कि वह एक सप्ताह के भीतर किस्तों के ऊपर वसूल किये जा रहे ब्याज के बारे में अपना रूख साफ करे।

अनूप

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