देश की खबरें | अदालत ने बलात्कार पीड़ित लड़की की बकाया विद्यालय फीस के मामले का स्वतः संज्ञान लिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने मंदसौर में वर्ष 2018 के दौरान बर्बर सामूहिक दुष्कर्म की शिकार नाबालिग लड़की को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने को लेकर राज्य सरकार के वादे के बावजूद उसके इंदौर स्थित निजी विद्यालय की फीस पिछले चार साल से कथित तौर पर बकाया होने के मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। दुष्कर्म के वक्त लड़की की उम्र आठ साल थी।

इंदौर, छह फरवरी मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने मंदसौर में वर्ष 2018 के दौरान बर्बर सामूहिक दुष्कर्म की शिकार नाबालिग लड़की को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने को लेकर राज्य सरकार के वादे के बावजूद उसके इंदौर स्थित निजी विद्यालय की फीस पिछले चार साल से कथित तौर पर बकाया होने के मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। दुष्कर्म के वक्त लड़की की उम्र आठ साल थी।

एक फरवरी को एक समाचार पत्र में छपी खबर में कहा गया था कि सामूहिक दुष्कर्म की शिकार बच्ची और उसकी बड़ी बहन को राज्य सरकार ने वर्ष 2018 में इंदौर के एक निजी विद्यालय में भर्ती कराया था, लेकिन उनकी फीस केवल एक साल भरी गई।

खबर के मुताबिक निजी विद्यालय ने दोनों लड़कियों की 14 लाख रुपये की बकाया फीस को लेकर इंदौर के जिलाधिकारी और जिला शिक्षा विभाग को नोटिस भेजा है और उसकी एक प्रति पीड़ित परिवार को उसकी जानकारी के लिए भेजी है।

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमथ और न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला की पीठ ने दो फरवरी को इस खबर का संज्ञान लेते हुए इसे चौंकाने वाला मामला बताया।

युगल पीठ ने कहा कि यह समाचार सामूहिक दुष्कर्म की शिकार बच्ची की दयनीय स्थिति के बारे में बताता है कि वह राज्य सरकार द्वारा मदद का भरोसा दिलाए जाने के बावजूद किस तरह उत्पीड़न से गुजर रही है।

उच्च न्यायालय ने इस मामले को जनहित याचिका के तौर पर सुनने का फैसला किया और सरकारी वकील को निर्देशित किया कि वह प्रदेश के मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी के लिए नोटिस प्राप्त करे।

अदालत ने निजी विद्यालय को भी नोटिस जारी किए जाने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी आशीष सिंह ने मंगलवार को ‘‘पीटीआई-’’ से कहा, ‘‘निजी विद्यालय के प्रबंधन का कहना है कि सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित लड़की और उसकी बहन की बकाया फीस को लेकर उसके स्टाफ की गलती से नोटिस जारी हो गया था। अब यह मामला सुलझ गया है और विद्यालय में दोनों लड़कियों की जारी पढ़ाई में कोई भी समस्या नहीं है।’’

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