देश की खबरें | अदालत ने कबड्डी संघ के पदाधिकारियों के चुनाव की अधिसूचना पर लगाई रोक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय एमेच्योर कबड्डी  संघ (एकेएफआई) के चुनावों की अधिसूचना पर यह देखते हुए रोक लगा दी प्रासंगिक खेल गतिविधि से संबंध नहीं रखने वाले व्यक्ति को किसी भी राज्य की ओर से मतदाता के रूप में नामित नहीं किया जा सकता है।

नयी दिल्ली, छह मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय एमेच्योर कबड्डी  संघ (एकेएफआई) के चुनावों की अधिसूचना पर यह देखते हुए रोक लगा दी प्रासंगिक खेल गतिविधि से संबंध नहीं रखने वाले व्यक्ति को किसी भी राज्य की ओर से मतदाता के रूप में नामित नहीं किया जा सकता है।

उच्च न्यायालय उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें दावा किया गया था कि एकेएफआई द्वारा तय किए गए निर्वाचक मंडल में 13 अपात्र मतदाता हैं।

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि ये लोग मतदाता बनने के योग्य नहीं हैं क्योंकि उनमें से कुछ कबड्डी से जुड़े नहीं हैं, जबकि अन्य ने अधिकतम कार्यकाल सीमा पार कर ली है।

याचिका में उच्च न्यायालय के 10 फरवरी के आदेश का हवाला दिया गया है जिसमें कहा गया है कि निर्वाचक मंडल के सदस्यों को राष्ट्रीय खेल संहिता और आदर्श चुनाव दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए।

न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने याचिका पर एकेएफआई और केंद्र को नोटिस जारी करते हुए कहा, ‘‘ऐसा देखा गया है कि इस मामले पर विचार करने की जरूरत है। इस अदालत का प्रथम दृष्टया मत है कि एक व्यक्ति जो प्रासंगिक खेल गतिविधि से संबंधित नहीं है, उसे किसी भी राज्य की ओर से मतदाता के रूप में नामित नहीं किया जा सकता है। यह प्रथम दृष्टया अवलोकन संबंधित पक्षों के वकील की आगे की सुनवाई के अधीन है।’’

उच्च न्यायालय ने मनोजन राजन, सी होनप्पा गौड़ा और राजारथीनम द्वारा दायर याचिका पर एकेएफआई और केंद्र से  जवाब देने को कहा और मामले को 24 जुलाई को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

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