देश की खबरें | एसएफआईओ की जांच में असहयोग के कारण महिला को विदेश जाने की अनुमति देने से अदालत का इनकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने 738 करोड़ रुपये के एक मामले में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) के साथ सहयोग नहीं करने को लेकर एक महिला को विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

नयी दिल्ली, 18 दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने 738 करोड़ रुपये के एक मामले में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) के साथ सहयोग नहीं करने को लेकर एक महिला को विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

बहरहाल, अदालत ने कहा कि यदि महिला आगामी दो महीने में एसएफआईओ के साथ पूरी तरह सहयोग करती है, तो अदालत उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति देने के विषय पर फिर से विचार करने की इच्छुक है।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने कहा, ‘‘इस मामले के तथ्यों और याचिकाकर्ता द्वारा अधिकारियों को दिए गए बयानों के अनुसार यह स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता ने सहयोग नहीं किया है।’’

उन्होंने कहा,‘‘अदालत इन परिस्थितियों में और इस स्तर पर याचिकाकर्ता को विदेश यात्रा की अनुमति देने की इच्छुक नहीं है। बहरहाल, अगले दो महीनों में अगर याचिकाकर्ता एसएफआईओ के साथ पूरी तरह से सहयोग करती है, तो अदालत इस विषय पर पुनर्विचार करने को तैयार है।’’

अदालत ने पवनजोत कौर साहनी की उस याचिका पर यह फैसला सुनाया, जिसमें उन्होंने चिकित्सकीय कारणों से ब्रिटेन जाने की अनुमति मांगी थी। महिला ने इस साल 13 जून को एसएफआईओ द्वारा जारी लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली दो लंबित याचिकाओं में यह अर्जी दायर की थी।

महिला ने प्राधिकारियों को विदेश यात्रा करने की उसे अनुमति देने से इनकार करने के कारण बताने का निर्देश दिए जाने का भी अनुरोध किया था।

उच्च न्यायालय ने अपने 13 दिसंबर के आदेश में कहा कि उसने महिला और प्राधिकारियों से पहले के आदेश में लगाई गई शर्तों के अनुपालन के संबंध में 28 नवंबर को स्थिति रिपोर्ट मांगी थी।

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने बैंक संबंधी केवल पिछले दो साल का विवरण उपलब्ध कराया है और उनका कहना है कि इससे पहले की अवधि का विवरण वह ऑनलाइन नहीं निकाल सकती और इसके लिए उन्हें स्वयं संबंधित बैंक जाकर अनुरोध करना होगा।

अदालत ने कहा, ‘‘आज के समय में अदालत के लिए यह स्वीकार करना अविश्वसनीय है कि बैंक तब तक खाते का विवरण जारी नहीं करेंगे, जब तक कि याचिकाकर्ता व्यक्तिगत रूप से बैंक नहीं जाती है।’’

प्राधिकारियों के वकील ने अदालत को सूचित किया कि मामले में चार भारतीय बैंकों और दो विदेशी बैंकों के संबंध में 738 करोड़ रुपये की जांच शामिल है। याचिकाकर्ता के परिवार द्वारा संचालित चार कंपनियां - नेट4 इंडिया लिमिटेड, नेट4 नेटवर्क सर्विसेज लिमिटेड, पिटेटेल कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड और ट्रैक ऑनलाइन नेट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड- भी जांच के दायरे में हैं।

उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता के पति का 2017 में निधन हो गया था और उनका बेटा ब्रिटेन में रहता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

PBKS vs RCB, IPL 2026 61st Match Scorecard: धर्मशाला में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को 23 रनों से रौंदा, भुवनेश्वर कुमार ने की घातक गेंदबाजी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Live Toss And Scorecard: अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite? अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स बनाम राजस्थान रॉयल्स के बीच रोमांचक मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Toss Winner Prediction: अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स बनाम राजस्थान रॉयल्स के बीच कौन होगा टॉस का बॉस? मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती हैं बाजी