देश की खबरें | अदालत ने सड़क दुर्घटना में महिला के ‘अजन्मे बच्चे की मौत’ के लिए मुआवजा देने का आदेश दिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक व्यक्ति को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है, जिसकी 27 वर्षीय गर्भवती पत्नी की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
नयी दिल्ली, 16 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक व्यक्ति को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है, जिसकी 27 वर्षीय गर्भवती पत्नी की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
अदालत ने कहा कि व्यक्ति, महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण के खोने के लिए भी मुआवजे का हकदार है।
हादसे के समय, महिला के गर्भ में पल रहा भ्रूण आठ महीने का था। महिला उत्तर प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल थी।
न्यायमूर्ति नवीन चावला ने कहा कि भ्रूण एक महिला के अंदर एक और जीवन होता है और इसे गंवाना असल में जन्म लेने वाली संतान को खो देना है और मृतका के पति ने हादसे में अपने पूरे परिवार को खो दिया।
जुलाई 2013 में, एक तेज रफ्तार ट्रक ने महिला की मोटरसाइकिल में टक्कर मारी थी। महिला मोटरसाइकिल की पिछली सीट पर बैठी हुई थी और उसकी सहकर्मी यह दोपहिया वाहन चला रही थी।
अदालत ने कहा कि पति उचित मुआवजे के हकदार हैं।
अदालत ने कहा कि आठ माह के अजन्मे बच्चे की मौत के लिए 2.5 लाख रुपये मुआवजा देने का मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण का फैसला पर्याप्त नहीं है। न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि बीमाकर्ता द्वारा मुआवजे की बढ़ाई गई राशि पांच लाख रुपये अदा की जाए।
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