देश की खबरें | अदालत का मसरत आलम भट को रिहा करने का आदेश, लेकिन आतंक के वित्तपोषण मामले में जेल में ही रहेगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने अलगाववादी नेता मसरत आलम भट की हिरासत से संबंधित 2017 के आदेश को रद्द कर दिया है, लेकिन आतंकवाद के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराने के मामले में उसे सलाखों के पीछे ही रहना होगा।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

श्रीनगर, 18 नवंबर जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने अलगाववादी नेता मसरत आलम भट की हिरासत से संबंधित 2017 के आदेश को रद्द कर दिया है, लेकिन आतंकवाद के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराने के मामले में उसे सलाखों के पीछे ही रहना होगा।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) 2017 के आतंकवाद के वित्तपोषण से संबंधित मामले में भट के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर चुका है। भट फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।

यह भी पढ़े | कोरोना के पश्चिम बंगाल में आज 3,668 नए केस पाए गए, 54 की मौत : 18 नवंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

न्यायमूर्ति सनीव कुमार और न्यायमूर्ति रजनीश ओसवाल की पीठ ने यह जानने के बाद यह निर्देश दिया था कि जन सुरक्षा कानून के तहत जारी भट की हिरासत से संबंधित 2017 के आदेश की अवधि समाप्त हो चुकी है और रिट याचिका निष्फल हो गई है। अदालत ने कहा कि अगर किसी अन्य मामले में उसकी जरूरत न हो तो उसे तुरंत रिहा किया जाए।

अलगाववादी संगठन मुस्लिम लीग के अध्यक्ष भट ने एकल न्यायाधीश के निर्णय को चुनौती दी थी, जिन्होंने 14 नवंबर 2017 को कुपवाड़ा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी भट की 36वीं ऐहतियाती हिरासत से संबंधित आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी थी।

यह भी पढ़े | दिल्ली के युवाओं को केजरीवाल सरकार का तोहफा, रानीखेड़ा में 150 एकड़ में बनेगा बिजनेस पार्क, मिलेगा रोजगार.

साल 2010 में गिरफ्तार किए गए भट्ट के खिलाफ एनआईए ने पिछले साल आरोपपत्र दिया किया था। आरोप है कि वह पत्थरबाजों का प्रमुख नेता था और 2010 में रैलियों में पत्थरबाजों को उनकी गतिविधियों में सक्रिय रूप से सहयोग देता था।

साल 2015 में जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा की गठबंधन सरकार बनने के तत्काल बाद भट को रिहा कर दिया गया था। भट के खिलाफ दो दर्जन से अधिक मामले लंबित थे। भारत विरोधी नारेबाजी के बाद उसे 17 अप्रैल 2015 को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now