देश की खबरें | न्यायालय ने तमिलनाडु के नौ कर्मचारियों को अदालत की अवमानना का दोषी करार दिया
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नयी दिल्ली, एक अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची पर पुनरावलोकन करने के उसके निर्देश का पालन नहीं करने को लेकर शुक्रवार को राज्य के नौ अधिकारियों को अदालत की अवमानना का दोषी करार दिया।
न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने कहा, ‘‘हमने पाया है कि वरिष्ठता सूची, जो न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कथित तौर पर प्रकाशित की गई, इस न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण रूप से उल्लंघन करती है। पहली नजर में सूची देख कर यह जाहिर होता है कि कई चयनित नामों को, जिन्होंने बहुत कम अंक पाए हैं, अधिक अंक पाने वालों से (सूची में) ऊपर रखा गया है। ’’
न्यायालय ने कहा, ‘‘इसलिए, 11 फरवरी 2021 के हमारे आदेश में जिक्र किये गये निम्नलिखित नाम इस न्यायालय की अवमानना करने के दोषी हैं। ’’
शीर्ष न्यायालय ने 11 फरवरी के अपने आदेश में राज्य सरकार के नौ कर्मचारियों--एम विजयकुमार, एस थिनाकरण, डॉ एस स्वर्णा, के. नंथकुमार, के. शनमुगम, डॉ. के.मनीवासन, के. राममूर्ति, एस.के. प्रभाकर और एस बक्तवातचलम--के नाम का जिक्र किया था, जिनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की गई थी।
पीठ ने कहा, ‘‘हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि जिन लोगों के नाम लिये गये हैं, जो अदालत की अवमानना के दोषी करार दिये गये हैं, वे इस न्यायालय के समक्ष (22 जनवरी 2022) को उपस्थित रहेंगे और सजा की अवधि पर सुनवाई की जाएगी।’’
पीठ ने तमिलनाडु लोकसेवा आयोग को चयनित लोगों की वरिष्ठता सूची का पुनरावलोकन करने और उसे प्रकाशित करने का निर्देश दिया था। इन लोगों को आयोग द्वारा 10 सितंबर 1999 को जारी एक अधिसूचना के अनुपालन में चयन प्रक्रिया के तहत चयनित किया गया था।
न्यायालय ने कहा कि सूची आयोग द्वारा मैरिट के आधार पर बनाई जाए और इसे 12 हफ्तों के अंदर प्रकाशित किया जाए।
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