देश की खबरें | अदालत ने होटल को दी मतदाताओं को मुफ्त भोजन मुहैया कराने की मंजूरी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने निसर्ग ग्रांड होटल को बुधवार को राज्य विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकारों का इस्तेमाल करने वाले मतदाताओं को मुफ्त में भोजन मुहैया कराने की मंजूरी दी।

बेंगलुरु, 10 मई कर्नाटक उच्च न्यायालय ने निसर्ग ग्रांड होटल को बुधवार को राज्य विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकारों का इस्तेमाल करने वाले मतदाताओं को मुफ्त में भोजन मुहैया कराने की मंजूरी दी।

‘बृहद बेंगलोर होटल्स एसोसिएशन’ तथा निसर्ग ग्रांड होटल ने निर्वाचन आयोग कार्यालय के प्रेस संदेश को चुनौती दी थी जिसमें मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके मतदाताओं को होटल तथा रेस्त्रां द्वारा मुफ्त में भोजन मुहैया कराए जाने को नामंजूरी दी थी। होटल को दी गई अनुमति वापस ले ली गई थी।

याचिका में दावा किया गया था, ‘‘विवादास्पद प्रेस नोट दिनांक 09/05/2023 का है और कानून के अनुरूप नहीं है तथा खारिज किए जाने योग्य है। याचिकाकर्ता किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं। याचिकाकर्ताओं ने मतदान करने वाले लोगों को मुफ्त में भोजन मुहैया कराने का यह कदम मतदान प्रतिशत बढ़ाने के सराहनीय उद्देश्य के तहत उठाया है। मतदान का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है, जिसे भारत के संविधान के तहत मान्यता प्राप्त है।’’

न्यायमूर्ति टीजी शिवशंकर गौड़ा की एकल पीठ ने याचिका को मंजूर करते हुए कहा, ‘‘होटल मालिक स्वयं ही मुफ्त में अथवा रियायती दरों पर पका हुआ भोजन वितरित करना चाहते हैं। वे ऐसा कर सकते हैं। आदर्श आचार संहिता की प्रति भी मुहैया कराई गई है। ऐसा कहीं संकेत नहीं है कि मतदान कर चुके मतदाताओं को पका हुआ भोजन मुहैया कराना आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के समान है अथवा मतदान करने वाले लोगों को भोजन मुहैया कराना किसी प्रलोभन के समान है। इसलिए अनुमति देने और इसे वापस लेने का बीबीएमपी का आचरण ठीक नहीं है।’’

उच्च न्यायालय ने हालांकि निर्देश दिया कि भोजन मुहैया कराने वाले होटलों के किसी राजनीतिक दल से संबंद्ध नहीं होना चाहिए।

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