देश की खबरें | अदालत ने भारद्वाज को जेल के बाहर से किताबे मंगवाने की अनुमति दी
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मुम्बई, 13 जनवरी मुम्बई की एक विशेष एनआईए अदालत ने एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामल में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को भायखला जेल के बाहर से किताबें प्राप्त करने की अनुमति दे दी है। वह इसी जेल में बंद हैं। बुधवार को उपलब्ध कराये गये आदेश से यह जानकारी सामने आयी।
विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश डी ई कोठालिकर ने मंगलवार को इस संबंध में भारद्वाज की याचिका मंजूर की थी।
न्यायाधीश ने जेल अधीक्षक को भारद्वाज को हर महीने जेल के बाहर से पांच किताबे मंगवाने देने का निर्देश दिया। यह जेल मध्य मुम्बई में है।
पिछले महीने भारद्वाज और सह आरोपी गौतम नवलखा एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हनी बाबू ने अपनी वकील चांदनी चावला के माध्यम से अलग-अलग अर्जियां लगाकर जेल के बाहर से किताबें एवं अखबार मंगाने की अनुमति मांगी थी।
नवलखा और बाबू नवी मुम्बई की तलोजा जेल में हैं। बाबू और नवलखा की अर्जियों पर अगली तारीख पर सुनवाई होगी।
अदालत ने कहा, ‘‘ अधीक्षक ध्यानपूर्वक पुस्तकें देखेंगे और यदि उनमें हिंसा की सीख देने वाली कोई आपत्तिजनक सामग्री, अश्लील सामग्री या रिवोल्युशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट या भाकपा (माओवादी) का प्रचार करने वाली कोई सामग्री पायी जाती है तो वह आवेदक को ऐसी किताब नहीं लेने देंगे।’’
इसी बीच, इस मामले में अन्य आरोपी , सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेल्टुम्बडे ने मंगलवार को दायर की गयी अपनी नयी याचिका में कहा है कि अभियोजन का यह सिद्धांत कि वह दूसरों को सरकार के खिलाफ युद्ध के लिए भड़का रहे थे, ‘‘पाखंड’’ है।
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