रोहिणी जेल में कोरोना संक्रमित कैदियों, स्टाफ को पृथक-वास में रखा गया : जेल महानिदेशक

उन्होंने बताया कि इन संक्रमितों के संपर्क में आने वाले अन्य कैदियों का पता लगाने की प्रक्रिया अब भी जारी है।

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नयी दिल्ली, 19 मई दिल्ली उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश की अध्यक्षता में बनी उच्च शक्ति प्राप्त समिति को महानिदेशक (जेल) ने सूचित किया कि रोहिणी जेल में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए 15 कैदियों और एक स्टाफ को पृथक-वास में रखा गया है और उनका इलाज चल रहा है।

उन्होंने बताया कि इन संक्रमितों के संपर्क में आने वाले अन्य कैदियों का पता लगाने की प्रक्रिया अब भी जारी है।

महानिदेशक (जेल) ने न्यायमूर्ति हिमा कोहली की अध्यक्षता वाली समिति को बताया कि रोहिणी जेल समेत यहां की सभी जेलों में संदिग्ध मामलों का पता लगाने के लिए विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन किया गया है और अगर जरूरत पड़ी तो कोरोना संक्रमित कैदियों के संपर्क में आने वाले अन्य कैदियों की कोविड-19 की जांच की जाएगी।

समिति ने सोमवार शाम को हुई बैठक की रिपोर्ट में दर्ज किया कि डीजी (जेल) ने बताया कि सभी 15 कैदी के साथ ही संक्रमित पाए गए स्टाफ में संक्रमण के लक्षण नहीं थे।

पिछले हफ्ते कुल 16 कैदी और जेल का एक स्टाफ कोविड-19 की जांच में संक्रमित पाया गया था। संक्रमण का पहला मामला तब सामने आया था जब एक कैदी की 11 मई को दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल में सर्जरी हुई थी। संक्रमित पाए जाने के बाद उसे कोविड-19 के इलाज के लिए निर्धारित, लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल भेजा गया जहां उसकी हालत में सुधार हो रहा है।

जेलों को खाली करने और वहां कोविड-19 का प्रसार रोकने के मामले को देखने के लिए उच्चतम न्यायालय के आदेश पर गठित इस समिति ने यह फैसला किया है कि जेल में आने वाले नये कैदी को पृथक वार्ड में रखा जाए ताकि वह अन्य कैदियों के संपर्क में न आए।

समिति ने कहा कि जेल के स्टाफ, मेडिकल स्टाफ और आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति करने वाले अन्य लोगों को एहतियात बरतने चाहिए ताकि वे कैदियों के सीधे संपर्क में न आएं।

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