जरुरी जानकारी | कोरोमंडल ने आंध्र प्रदेश में नैनो उर्वरक संयंत्र शुरू किया
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नयी दिल्ली, 10 जून अग्रणी कृषि समाधान प्रदाता कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में अपने सुविधा केंद्र में एक अत्याधुनिक नैनो उर्वरक संयंत्र की शुरुआत की है।
इस संयंत्र का अनावरण रविवार को कंपनी के कार्यकारी निदेशक (पोषक व्यवसाय) शंकरसुब्रमण्यम एस ने कंपनी के वरिष्ठ नेतृत्व और देशभर से प्रमुख चैनल भागीदारों की उपस्थिति में किया।
कंपनी के बयान में कहा गया है कि अपने काकीनाडा परिसर में इस नई सुविधा के साथ कोरोमंडल ने उर्वरकों की नई पीढ़ी में कदम रखा है, जिनमें भारतीय कृषि में क्रांति लाने की क्षमता है।
पूरी तरह से स्वचालित नैनो उर्वरक संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता एक करोड़ बोतल की है। इसे ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके डिजाइन किया गया है और इसे मौजूदा नैनो डाय अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) और नैनो यूरिया उत्पादों के अलावा नैनो उर्वरकों की कई श्रेणियों के निर्माण के लिए बढ़ाया जा सकता है।
कोरोमंडल ने आईआईटी बंबई-मोनाश रिसर्च एकेडमी में अपने आंतरिक अनुसंधान एवं विकास केंद्र के माध्यम से इन नैनो उर्वरकों का विकास किया है।
कोरोमंडल अपने नैनो उर्वरकों को ‘ग्रोमोर नैनो’ ब्रांड के तहत बेचती है। कंपनी ने कृषि में नैनो अनुप्रयोगों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कोयंबटूर में एक नैनो प्रौद्योगिकी केंद्र भी स्थापित किया है।
कोरोमंडल की काकीनाडा इकाई में भारत भर के कृषक समुदाय की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले पारंपरिक उर्वरकों की वार्षिक उत्पादन क्षमता 20 लाख टन की है।
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