गाजियाबाद (उप्र), 16 फरवरी गाजियाबाद जिले की एक विशेष अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई और 27 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) हरीश कुमार ने शुक्रवार को बताया कि विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) तेन्द्र पाल की अदालत ने दुष्कर्म के करीब सात वर्ष पुराने मामले में एक 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी जमील अली को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई और 27 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
जुर्माने की रकम पीड़िता को दिये जाने का आदेश दिया है। कुमार ने बताया कि 2017 में यौन शोषण का यह मामला सामने आया तब पीड़ित किशोरी 16 साल की थी।
हरीश कुमार ने कहा कि शिकायत दर्ज होने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और नाबालिग को जयपुर से उसके चंगुल से छुड़ा लिया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जयपुर के होटल में रहने के दौरान उससे लगातार दुष्कर्म किया गया। पीड़िता के पिता ने 16 सितंबर 2017 को शिव पार्क खोरा कॉलोनी के जमील अली के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने सुबह साढ़े छह बजे स्कूल के लिए निकली उनकी बेटी को बहला-फुसला लिया और उसने उसके घर से 50 हजार रुपये भी चुराए थे।
सं आनन्द
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