नयी दिल्ली, 11 मई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर रविवार को लोगों को शुभकामनाएं दीं और सभी से भगवान बुद्ध के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा शांतिपूर्ण, सामंजस्यपूर्ण और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने को कहा।
राष्ट्रपति ने एक संदेश में कहा कि करुणा के अवतार भगवान बुद्ध द्वारा दिया गया अहिंसा, प्रेम और दया का अमर संदेश मानव जाति के कल्याण का मूल मंत्र है।
मुर्मू ने कहा, ‘‘उनके आदर्श समानता, सद्भाव और सामाजिक न्याय के शाश्वत मूल्यों में हमारी आस्था को मजबूत करते हैं। उनकी शिक्षाएं हमें नैतिकता पर आधारित जीवन जीने के लिए प्रेरित करती हैं।’’
बुद्ध पूर्णिमा पर गौतम बुद्ध की जयंती मनाई जाती है, जिनका जन्म नेपाल के लुंबिनी में हुआ था और उन्होंने भारत के कुशीनगर में मोक्ष प्राप्त किया था।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आइये हम भगवान बुद्ध के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और एक शांतिपूर्ण, सामंजस्यपूर्ण और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।’’
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, मुर्मू ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर दुनिया भर में भगवान बुद्ध के सभी अनुयायियों और देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
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