देश की खबरें | कृषि क्षेत्र में सुधार पर कांग्रेस के दोहरे मापदंड: नड्डा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर कृषि क्षेत्र में सुधारों पर "दोहरे मानदंड" अपनाने का आरोप लगाया और तीन नए कृषि कानूनों पर उसके विरोध प्रदर्शन को "गद्देदार सीट" वाला प्रदर्शन करार दिया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, आठ अक्टूबर भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर कृषि क्षेत्र में सुधारों पर "दोहरे मानदंड" अपनाने का आरोप लगाया और तीन नए कृषि कानूनों पर उसके विरोध प्रदर्शन को "गद्देदार सीट" वाला प्रदर्शन करार दिया।

केंद्र की राजग सरकार द्वारा पिछले महीने बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों का कांग्रेस जोरदार विरोध कर रही है और उसके नेता राहुल गांधी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्त्व कर रहे हैं।

यह भी पढ़े | Ram Vilas Paswan Dies: केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान का 74 साल की उम्र में निधन, मंझे हुए राजनेता देश के 6 प्रधानमंत्रियों के साथ किया है काम, जानें उनका राजनीतिक सफर.

नड्डा ने महाराष्ट्र भाजपा की एक ऑनलाइन बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी ने कृषि क्षेत्र के सुधारों पर दोहरे मापदंड प्रदर्शित किए हैं। पार्टी ने अतीत में इसी तरह के वादे किए थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए उन्हीं सुधारों का विरोध कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने (नए कृषि कानूनों) के विरोध में ट्रैक्टर रैली निकाली, जिसपर बैठने के लिये गद्देदार सीट की व्यवस्था थी। क्या किसानों के प्रति कांग्रेस की यही सोच है।’’

यह भी पढ़े | Coast Guards Rescued 6 Fishermen: तमिलनाडु में तटरक्षकों ने 6 मछुआरों की बचाई जान, डूबती नाव की मरम्मत भी कीड.

उन्होंने कहा, "पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में, (कृषि क्षेत्र में सुधार के) ऐसे ही वादे किए थे, लेकिन जब प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें लागू किया तो रैली निकाली जाने लगी।"

गाँधी गद्दे वाली सीट पर बैठने को लेकर निशाने पर आ गए। दरअसल वह नए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब में एक रैली के दौरान ट्रैक्टर पर लगी गद्देदार सीट पर बैठे थे।

भाजपा प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस के सहयोगी राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने भी इन कानूनों पर यही रुख अपनाया है, जबकि पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री लंबे समय से इस प्रमुख क्षेत्र में सुधारों की वकालत करते रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पवार खुद लंबे समय से सुधारों की वकालत कर रहे थे, लेकिन जब हमने ऐसा किया तो हम अचानक किसान विरोधी हो गए।’’

नड्डा ने कहा कि हर कोई खुद को किसान नेता कहलाना पसंद करता है लेकिन वे किसानों के लिए कुछ नहीं करते हैं। मोदी ने बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 1.36 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किये हैं, जो 2008-09 (यूपीए के शासन) के मुकाबले लगभग 11 गुना है।

उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को इन तथ्यों को जानना चाहिए और उन्हें लोगों को इसके बारे में समझाना चाहिए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\