देश की खबरें | कांग्रेस बड़े पैमाने पर सरकारी उपक्रमों के निजीकरण की अनुमति नहीं देगी : राहुल
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चित्रदुर्ग (कर्नाटक), 12 अक्टूबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि वह सरकारी संपत्तियों के "बड़े पैमाने पर निजीकरण" के विचार से सहमत नहीं हैं और सत्ता में आने पर उनकी पार्टी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के निजीकरण की अनुमति नहीं देगी।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी राष्ट्रीय एवं राज्य - दोनों स्तरों पर एक रणनीति बनाएगी जिससे युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित होगा।
गांधी ने कहा, "मैं सरकारी संपत्तियों के बड़े पैमाने पर निजीकरण से सहमत नहीं हूं और अगर हम सत्ता में आते हैं तो हम सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के बड़े पैमाने पर निजीकरण की अनुमति नहीं देंगे।"
कांग्रेस नेता इन दिनों ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कर रहे हैं और इस क्रम में उन्होंने कर्नाटक के करीब 1,800 युवाओं के साथ बेरोजगारी पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों से ही कमजोर वर्गों को रोजगार मिल सकता है।
उन्होंने कहा, "सार्वजनिक क्षेत्र की जिन इकाइयों को संचालन के लिए सही स्थान और सही माहौल दिया जाता है, जिन्हें ठीक से संचालित करने की आजादी दी जाती है, वे काफी अच्छा काम करती हैं।"
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, महासचिव एवं पार्टी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला , प्रदेश कांग्रेस प्रमुख डी. के. शिवकुमार सहित अन्य लोग इस कार्यक्रम में मौजूद थे।
राहुल गांधी ने कहा कि रोजगार सृजन के लिए एक रणनीति होनी चाहिए और "नौकरियां उस तरीके से पैदा नहीं होती हैं, हम राष्ट्रीय एवं राज्य दोनों स्तरों पर एक रणनीति बनाएंगे जो सुनिश्चित करेगी कि लाखों युवाओं को रोजगार मिले।’’
उन्होंने कहा कि सबसे पहले सरकारी क्षेत्र में खाली पदों को भरने से नौकरियां मिल सकती हैं, और इसके लिए उनकी पार्टी पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए पहली जगह जहां बड़ी संख्या में नौकरियां मिल सकती हैं, वह स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा क्षेत्र है। कांग्रेस सरकार लोक स्वास्थ्य और सार्वजनिक शिक्षा पर सबसे अधिक पैसा खर्च करेगी और ये सरकारी नौकरियां होंगी।"
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में निजी क्षेत्र की नौकरियों में सबसे अधिक संख्या छोटे और मध्यम व्यवसायों से आती है। उन्होंने कहा कि जब उनकी पार्टी सत्ता में होगी तो अधिक संतुलित नीति तैयार की जाएगी और छोटे और मध्यम व्यवसायों का समर्थन करेगी एवं उन्हें बैंकों से वित्तपोषण कराया जाएगा।
राहुल गांधी ने जोर दिया कि कोई समाज जो सौहार्दपूर्ण नहीं है, जहां शांति नहीं है और जहां हिंसा है, वह आर्थिक रूप से प्रगति नहीं कर सकता और न ही अपने युवाओं को रोजगार दे सकता है।
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