देश की खबरें | कांग्रेस, आरएसएस प्रतिनिधिमंडलों ने राजौरी में आतंकवादी हमले के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू कश्मीर में कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थानीय सदस्यों ने राजौरी जिले के धांगरी गांव का दौरा किया जहां इस महीने की शुरुआत में आतंकवादी हमलों में छह लोगों की मौत हो गयी तथा कई अन्य घायल हो गए थे।

जम्मू, सात जनवरी जम्मू कश्मीर में कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थानीय सदस्यों ने राजौरी जिले के धांगरी गांव का दौरा किया जहां इस महीने की शुरुआत में आतंकवादी हमलों में छह लोगों की मौत हो गयी तथा कई अन्य घायल हो गए थे।

कांग्रेस प्रवक्ता दीपिका पुष्कर नाथ की अगुवाई में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल होने के दावों को लेकर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा तथा केंद्र सरकार की आलोचना की। नाथ वकील भी हैं।

आरएसएस प्रतिनिधिमंडल ने बिना किसी सरकारी आदेश के ग्राम रक्षा समिति (वीडीसी) सदस्यों से हथियार लिए जाने के मामले की जांच की मांग की।

नाथ ने शनिवार को कहा, ‘‘भारतीय सेना और पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि मासूम लोगों की मौत रोकने के लिए सतर्कता बढ़े। यह (धांगरी घटना) शासन और प्रशासन की नाकामी का उदाहरण है।’’

उन्होंने केंद्र सरकार से क्षेत्र में नए सिरे से सुरक्षा ऑडिट कराने की अपील की।

पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘बड़ी सुरक्षा चूक के परिणामस्वरूप हिंसा की घटना में अपने प्रियजन को खोने वाले परिवारों को देखना हृदय विदारक और दुखद है।’’

नाथ ने कहा कि अगर प्राधिकारी चौकन्ना होते तो इस त्रासदी को रोका जा सकता था।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यह साफ है कि उपराज्यपाल प्रशासन और भाजपा ने सामान्य स्थिति और शांति बहाल होने के झूठे दावे कर अपनी पीठ थपथपाने की कोशिश में जम्मू कश्मीर के लोगों की स्थिति संवेदनशील बना दी और राजौरी इसका उदाहरण था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी पार्टी की तरफ से उपराज्यपाल प्रशासन से अपील करती हूं कि मुआवजा के अलावा ये परिवार न्याय के हकदार हैं, जिन्होंने इस कृत्य को अंजाम दिया है उन्हें सजा दी जानी चाहिए।’’

आरएसएस की जम्मू कश्मीर इकाई के प्रमुख गौतम मेंगी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और वीडीसी से हथियार लिए जाने पर सवाल किया।

मेंगी ने कहा, ‘‘पुलिस तथा सिविल प्रशासन में किन लोगों ने बिना किसी औपचारिक सरकारी आदेश के वीडीसी को हथियार जमा कराने का आदेश दिया था? उनकी पहचान करने तथा उन्हें सजा दिए जाने की जरूरत है।’’

प्रतिनिधिमंडल के साथ गए विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि यह घटना सुरक्षा बलों की नाकामी नहीं बल्कि खुफिया एजेंसियों की कमजोरी का संकेत है।

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