सोनिया के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस का धरना
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की तथा गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को केंद्र सरकार के इशारे पर राजनीतिक प्रतिशोध एवं बदले की भावना से कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के उत्पीड़न की कार्रवाई बताया।
उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए यहां प्रदेश पार्टी मुख्यालय के प्रांगण में धरना दिया ।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की तथा गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को केंद्र सरकार के इशारे पर राजनीतिक प्रतिशोध एवं बदले की भावना से कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के उत्पीड़न की कार्रवाई बताया।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी में अपनी नाकामी छुपाने के लिए सत्ताधारी दल राजनीतिक षड्यंत्र के तहत विपक्षी दल के नेताओं के खिलाफ बदले की भावना से उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर उनका उत्पीड़न कर रहा है ।
सोनिया गांधी द्वारा उठाये गये मामले का समर्थन करते हुए सिंह ने कहा कि पीएम केयर्स फण्ड में आ रहे पैसे से कोरोना महामारी की त्रासदी झेल रहे गरीबों, किसानों एवं श्रमिकों की मदद क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीएम केयर्स फण्ड में आये पैसे का हिसाब जनता को पूछने का अधिकार है तथा सरकार को बताना चाहिए कि केंद्र सरकार ने इस पैसे का क्या उपयोग किया?
प्रदेश पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के इस षड्यंत्र का कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट होकर डटकर मुकाबला करेंगे तथा हर स्तर पर जनता की आवाज को उठाने का काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस मांग करती है कि उसके शीर्ष नेतृत्व के विरुद्ध लगाये गये झूठे मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए ।
पीएम केयर्स फंड को लेकर कांग्रेस के टि्वटर हैंडल से किए गये ट्वीट के बाद कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ कर्नाटक में मुकदमा दर्ज किया गया है ।
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