कांग्रेस विधायक ने अहमदाबाद में कोविड-19 के मरीजों की मौत को लेकर एनएचआरसी को पत्र लिखा
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अहमदाबाद, 19 मई गुजरात के कांग्रेस विधायक गयासुद्दीन शेख ने मंगलवार को आरोप लगाया कि अहमदाबाद सिविल अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों के अनुपयुक्त उपचार एवं लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में मौतें हो रही हैं और उन्होंने इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप की मांग की।

आयोग को भेजे पत्र में शेख ने दावा किया कि ऐसा ही परिदृश्य अन्य सरकारी अस्पतालों में भी है, जहां वरिष्ठ डॉक्टर कोविड-19 के मरीजों के इलाज से ‘‘दूर रह रहे हैं और जिम्मेदारी जूनियर डॉक्टरों एवं अर्धचिकित्साकर्मियों को सौंप दे रहे हैं।’’

सोमवार तक सिविल अस्पताल समेत अहमदाबाद के विभिन्न अस्पतालों में कोविड-19 से 555 मरीजों की जान जा चुकी थी।

विपक्षी विधायक ने कहा, ‘‘अहमदाबाद में कोरोना वायरस की उच्च मृत्युदर अनुपयुक्त उपचार तथा डॉक्टरों एवं अधिकारियों की लापरवाही के चलते है।’’

शेख ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मेरे संज्ञान में आया है कि डॉक्टर मरीज की मौत के तीन घंटे बाद भी इससे अनभिज्ञ रहते हैं। रिश्तेदारों को मरीजों के उपचार या उसके स्वास्थ्य में प्रगति के बारे में नहीं बताया जाता है।’’

उन्होंने कहा कि इन्हीं तरीकों की वजह से सिविल अस्पताल में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस के मरीज मर गये।

कांग्रेस विधायक ने कहा, ‘‘ मरीजों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए मैंने आज एनएचआरसी को पत्र लिखा और उससे हस्तक्षेप की मांग की। मैंने सिविल अस्पताल के समूचे कामकाज की जांच की भी मांग की है।’’

अहमदाबाद में दरियापुर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक शेख ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि कुछ मरीजों की मौत के बारे में उनके रिश्तेदारों को करीब एक सप्ताह बाद जानकारी दी गयी।

गुजरात में कोरोना वायरस के कुल 11,746 मामले सामने आये हैं, जिनमें से 8,683 मामले अकेले अहमदाबाद के हैं।

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